अंतर्मन से निकलने वाली बद्दुआ से साक्षात भगवान भी नहीं बचा सकते है- राष्ट्रसंत श्री कमलमुनि

8:17 pm or July 29, 2022
महावीर अग्रवाल

मंदसौर २९ जुलाई ;अभी तक;  किसी आत्मा को सताने पर उसके अंतर्मन से निकलने वाली बद्दुआ से साक्षात भगवान भी नहीं बचा सकते है। इसलिए किसी की दुआ नही ले सको तो बद्दुआ बिलकुल नही लेना चाहिए। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने आचार्यसम्राट आनंद ऋषि जी की जन्म जयंती पर जैन दिवाकर प्रवचन हाल में व्यक्त किए। संत श्री ने कहा कि अग्नि,शत्रु, सांप ओर हथियार से एक बार बचने की संभावना हो सकती है। लेकिन आत्मा की बद्दुआ मिट्टी में मिला देती है।
पशु की बद्दुआ का दुष्प्रभाव भी इंसान के साथ संपूर्ण सृष्टि पर पड़ता है।।

संतश्री ने कहा कि सत्ता बल, धन बल, शरीर बल के नशे में कमजोर को जब कोई सताता है तो वो आप का मुकाबला ज़रूर नही कर पाता है परंतु उसके मन से निकली बद्दुआ आपको खाक में मिलाने की ताक़त रखती है।

राष्ट्रसंत ने कहा कि बद्दुआ से जो कर्मों का बंधन होता है वह आत्मा का जन्म जन्मांतर में पतन करता है। शरीर को रोगों का घर बनाता है धन की बर्बादी होती है।

इतना ही नही आपके द्वारा की गई जप, तप, साधना, तीर्थ दान और पुण्य बद्दुआ की ज्वाला में जलकर खाक हो जाएंगे। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच दिल्ली जिला इकाई कोटा के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिलीप जैन, दिनेश जैन, रेखा जैन, हेमलता जैन का जगदीश वीरवाल, अजीत वीरवाल, संजय तरवेचा, सरदारमल दुग्गड़, मणिलाल पामेचा, संगीता चौरड़िया, अनीता खटोड़, डॉ मनीषा मेहता, वीणा जैन, अनीता बाफना ने संघ की ओर से अतिथियों का स्वागत किया।

तपस्वी घनश्याम मुनि जी के 20 उपवास और सेवक भैरू के and 18 उपवास की तपस्या चल रही है