अंधेरे में पिता की जगह पुत्र को उतार दिया मौत के घाट

4:54 pm or November 19, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल  १९ नवंबर ;अभी तक;  अक्सर कहा जाता है कि मौत का कोई भरोसा नहीं होता है कि वह कब आ जाए। इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि जिस जब मौत आती है वह किसी ना किसी बहाने से वहां पहुंच ही जाता है जहां मौत उसका इंतजार कर रही होती है। ऐसी ही एक घटना जिले के भीमपुर क्षेत्र के बारीढाना में घटित हुई जिसमें आरोपी मारना तो चाहते थे पिता को लेकिन अंधेरे की वजह से पुत्र की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। घटना के बाद एसपी, एसडीओपी, टीआई सहित पुलिस बल ने घटना स्थल का निरीक्षण भी किया।

एक नजर में पूरा घटनाक्रम

गुरुवार रात्रि में खाना खाने के बाद दीपक पिता फागू आदिवासी (16) खेत में रखवाली करने के लिए गया था। रात्रि करीब 8 बजे दीपक की बचाव-बचाव की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर जब वह दौड़ा तो कुटुम्ब के राम और अम्मूलाल भागते हुए दिखाई दिए। फागू ने पुलिस को बताया कि वह झोपड़ी में पहुंचा तो दीपक लहुलूहान हालत में पड़ा था। दीपक ने बताया कि राम और अम्मूलाल जादू टोकना करने की बात कहते हुए उसे चाकू मार रहे थे। उसे तत्काल भीमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे लेकिन चाकू के वार से पेट से अतडिय़ां कटकर बाहर आ जाने के कारण उसकी मौत हो गई। फरियादी फागू की रिपोर्ट पर अपराध धारा 302,34 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

एसपी, एसडीओपी, टीआई पहुंची घटना स्थल

हत्या की सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह एसपी सिमाला प्रसाद, एसडीओपी शाहपुर पल्लवी गौर, चिचोली टीआई तरन्नुम खान घटना स्थल पर पहुंची और निरीक्षण करने के उपरांत मृतक दीपक के परिजनों सहित ग्रामीणों से पूछताछ भी की। इसके साथ ही हत्या के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने के मातहतों को निर्देश दिए।

आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने दीपक की हत्या करने वाले दोनों आरोपियों रामू नर्रे व अम्मूलाल नर्रे पिता रीगा नर्रे को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो यह सामने आया कि गुरुवार सुबह रीगा की मृत्यु हो गई थी। पिता की मौत का शक राम और अम्मूलाल को फागू पर था कि उसके द्वारा जादू टोना करने के चलते ही रीगा की मौत हुई है। इसी के चलते दोनों भाईयों ने फागू को मौत के घाट उतारने का ठान लिया था।

पिता के बजाए कर दी पुत्र की हत्या

दरअसल फागू प्रतिदिन खेत में बनी झोपड़ी में रखवाली करने के लिए रात को जाता था और सुबह वापस आता था। लेकिन गुरुवार रात्रि में फागू किसी कारणवश खेत नहीं गया तो दीपक उसके स्थान पर खेत चला गया। यहां पर राम और अम्मूलाल नर्रे दोनों ने दीपक को फागू समझकर चाकू से उसके मौत के घाट उतार डाला।

इनका रहा सहयोग

उक्त कार्यवाही एसडीओपी शाहुपर सुश्री पल्लवी गौर के निर्देशन में निरीक्षक तरन्नूूम खान थाना प्रभारी चिचोली, उपनिरीक्षक बसंत अहाके चौकी प्रभारी भीमपुर, उपनिरीक्षक अवधेश तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक मुलायम सिंह, प्रधान आरआरक्षक 260 आशीष कवड़कर, प्रधान आरक्षक 20 विकास वर्मा, प्रधान आरक्षक ,(चालक) 298 राजेश बमनेले एवं आरक्षक 629 दिलीप की सराहनीय भूमिका रही।