अखिल भारतीय साहित्य परिषद् का प्रवास कार्यक्रम सम्पन्न

7:50 pm or May 31, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ३१ मई ;अभी तक;  साहित्य सृजन की परम्परा अनादिकाल से चली आ रही है। वाल्मीकि, तुलसी, सूर, कबीर, रहीम, जायसी से वर्तमान तक के साहित्यकारों ने साहित्य सृजन कर देश की दिशा और दशा को बदला है। साहित्य शांति का संदेश भी है तो क्रांति की हुंकार भी इसमें पायल की झंकार भी है तो इसमें चमकती तलवार भी, साहित्य प्रेम मोहब्बत का पैगाम भी है तो देश के दुश्मनों के लिये अंगार और लगाम भी है, साहित्य के इसी स्वरूप को जगाए रखने के लिये अखिल भारतीय साहित्य परिषद की लगभग 700 शाखाएं देश में निरन्तर प्रयासरत है। प्रदेश की मालवांचल इकाई भी अध्यक्ष श्री त्रिपुराहीलाल शर्मा के मार्गदर्शन में भारती की लोकमंगल साधना को साकार करने में लगी हुई है। जावरा इकाई में प्रवास कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उक्त विचार अखिल भारतीय साहित्य परिषद मंदसौर इकाई महामंत्री नन्दकिशोर राठौर ने व्यक्त किये। अखिल भारतीय साहित्य परिषद मालवा प्रान्त इंदौर के द्वारा नगर प्रवास कार्यक्रम के तहत मंदसौर इकाई के महामंत्री नन्दकिशोर राठौर ने अध्यक्ष नवीन भावसार एवं विशिष्ठ सदस्य विनोद गगरानी के साथ जावरा इकाई में प्रवासकर उनके द्वारा आयोजित काव्य गोष्ठी में भाग लिया तथा प्रवास की गतिविधियों को संचालित किया।
                           कार्यक्रम के आरंभ में मॉ सरस्वती को कार्यक्रम के प्रारंभ में माँ सरस्वती को माल्यार्पण, रमेश मनोहरा, बाबूलाल नाहर, नंदकिशोर राठौर, नरेन्द्र भावसार, मनोहर सिंह चौहान, विनोद गगरानी ने किया. पूजन श्लोक  तथा सरस्वती वंदना रतनलाल उपाध्याय ने पढ़ी अतिथियों का स्वागत संस्था संरक्षक बाबूलाल नाहर, गुलाम मोइनुद्दीन, वी.के. सिंह, राम चंचलानी, उमेश अरोरा ने किया- अतिथियों का परिचय कार्यक्रम के अध्यक्ष रमेश मनोहरा ने देते हुए कहाँ – आज हमारे बीच मन्दसौर ईकाई के सदस्य जावरा इकाई की गतिविधियों की जानकारी के लिए उपस्थित है इनका साहित्य के क्षेत्र में अपना अलग मुकाम है तत्पश्चात काव्यगोष्ठी का शुभारंभ हुआ इस काव्यगोष्ठी में समसामयिक रचनाघ्ं पढ़ी गई जो श्रोताओं द्वारा काफी सराही गई जिन कवियों ने कविता पाठ किया उनमें, रतनलाल उपाध्याय, हरिओम बरसोलिया (मन्दसौर) नरेन्द्र भावसार (मन्दसौर) डा वी.के. सिंह, लक्ष्मी जोशी, विनोद गगरानी (मन्दसौर) गुलाम मोईनुद्दीन,डा प्रकाश उपाध्याय, रमेश मनोहरा, नंदकिशोर राठौर (मन्दसौर) ने रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया. वही राम चंचलानी ने राष्ट्रीय गीत, उमेश अरोरा ने राम पर गीत एवं मनोहर सिंह चौहान मधुकर ने कृष्ण भक्ति पर गीत सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध किया। गोष्ठी के बीच में मालवा प्रांत के अध्यक्ष श्री त्रिपुरारीलाल शर्मा ने जयपुर से जावरा इकाई को संबोधित कर मार्गदर्शन प्रदान किया।
        इस कार्यक्रम का सफल संचालन मनोहर सिंह चौहान मधुकर ने किया आभार प्रगट किया संरक्षक बाबूलाल नाहर ने कहॉं जितनी भी कविताएं पढ़ी गई उच्च कोटी की थी. आज हमारे बीच मन्दसौर इकाई के सदस्यों ने आकर जो सहयोग प्रदान किया उनकी संस्था आभारी है इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए. कविताओं में राष्ट्रीय भावनाएं भी हो जिससे समाज में जन जागृति होना चाहिए. अंत में आभार प्रकट किया