अखिल विश्व गायत्री परिवार के स्वर्ण जयंती अवसर पर आयोजित हुए कार्यक्रम

महावीर अग्रवाल

मंदसौर २० जून ;अभी तक;  अखिल विश्व गायत्री परिवार के स्वर्ण जयंती अवसर पर देश विदेश में आयोजित हुए कार्यक्रम के अंतर्गत गायत्री जयंती गंगा दशहरा का पर्व मंदसौर गायत्री शक्तिपीठ पर भी बनाया गया।

अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना 1971 में हुई,  शांतिकुंज के शिलान्यास को 50 वर्ष पूर्ण हुए। वेद मूर्ति पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य, माता भगवती देवी शर्मा की विशेष साधना 24 वर्ष तक गाय की गर्भ से निकले हुए जो की रोटी और छाछ को सेवन करते हुए मां गायत्री की विशेष साधना के साथ ही पूरे भारत और विश्व में मानव मात्र एक समान एक पिता की सब संतान मनुष्य जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है। 35 सो पुस्तकें लिखने के साथ ही पूरे भारत में पूरे भारत में 5000 शक्ति पीठ प्रज्ञा पीठ स्थापना के साथ ही भारतीय संस्कृति की यज्ञ ऊर्जा का मनुष्य में देवत्व का अवतरण जैसे महान उद्देश्यों को लेकर लगातार गायत्री परिवार सेवा क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। 80 वर्ष की उम्र में पंडित वेद मूर्ति श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने गायत्री जयंती के दिन अपनी शरीर काया को सूक्ष्मा में विलय कर दिया।

मन्दसौर में आयोजित कार्यक्रम इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ के ट्रस्टी नरेश त्रिवेदी ने कहा गायत्री परिवार में जो भी सेवा देता है वह गुरु जी को आदर्श मानकर प्रतिक्षण गुरु के लिए जीता है उन्हीं के आशीर्वाद का वह हर पल अनुभव करता है मां गायत्री के मंत्र को वैज्ञानिकों ने भी शरीर के अंदर ऊर्जा का मुख्य आधार माना है इसलिए इस मंत्र के जपने से व्यक्ति को पापों का क्षय होता है गायत्री शक्तिपीठ पर सभी संस्कार मनाए जाते हैं आज के दिन नव कुंडी यज्ञ के यज्ञ आचार्य पवन गुप्ता ने कहा गायत्री परिवार के आज 50 वर्ष पूर्ण होने पर कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने विशेष डाक टिकट जारी किया और भी गायत्री परिवार ने पूरे मिशन को पूरे विश्व को आईटी के माध्यम से जोड़कर एक विशेष साइड भी जारी कि जिसका लोकार्पण भी शांतिकुंज देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पंड्या एवं डॉ चिन्मय पंड्या द्वारा किया गया गायत्री परिवार द्वारा आने वाले 50 वर्षों क्या भारत मैं बड़ी योजना का भी लक्ष्मी निर्धारित किया गया। पवन गुप्ता ने बताया गायत्री परिवार वृक्षारोपण गो विज्ञान गौशाला पर भी कार्य कर रहा है। ट्रस्टी पन्नालाल मालवीय ने बताया गायत्री परिवार गायत्री शक्तिपीठ पर गायत्री जयंती पर आने वाले वर्ष के कार्यक्रम की पूरी योजना बनाता है इसी कड़ी में प्रत्येक घर में यज्ञ को पहुंचाना हर घर के अंदर बच्चों के अंदर सद्बुद्धि का मंत्र गायत्री मंत्र की दीक्षा दिलाना विवाह दिवस जन्म दिवस हर व्यक्ति को मनाने के लिए प्रेरित करना मनुष्य के भारतीय संस्कृति के मुख्य संस्कारों की स्थापना करना मनुष्य में देवत्व और धरती पर स्वर्ग का अवतरण इन उद्देश्यों को लेकर गायत्री परिवार लगातार प्रत्येक कार्य कर रहा है आज गायत्री शक्तिपीठ पर प्रत्येक कार्यकर्ता ने गायत्री परिवार में सेवा देने का संकल्प लिया बड़े उत्साह उमंग के साथ गायत्री परिवार की गतिविधियों को संचालित करने का भी संकल्प लेकर अपनी बुराइयों को कम करते हुए अच्छाइयों को ग्रहण करने का संकल्प लेकर गांव गांव शहर शहर तेजी से कार्य करने का प्रत्येक कार्यकर्ता ने शपथ ली।