अग्निवीर की दौड़ में बिगड़ी तबीयत के बाद दो सगे भाईयों की मौत

3:31 pm or November 10, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल  १० नवंबर ;अभी तक;  अग्रिवीर भर्ती देने के लिए भोपाल गए दो सगे भाईयों की दौड़ में हिस्सा लेने के बाद तबीयत बिगड़ी और एक के बाद एक दोनों की मौत हो गई। दोनों भाईयों की मौत किस कारण से हुई है? उन्हें कौन सी बीमारी थी? इसका वास्तविक कारण पता नहीं चल सका है। इस मामले में ऐसा कहा जा रहा है कि दिल्ली से रिपोर्ट आने के बाद संभवत: कुछ खुलासा हो सकता है। दोनों भाईयों की मौत ने परिजनों को जहां सदमे में ला दिया है वहीं डॉक्टर भी हैरत में हैं कि अंतत: दोनों भाईयों की मौत की क्या वजह हो सकती है? डॉक्टर भी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह पा रहे हैं सिर्फ अंदाज ही लग रहे हैं। बहरहाल दो भाईयों की मौत से पूरे परिवार सहित ग्राम में मातम छा गया है। अब घर में सिर्फ एक बेटी ही बची है।

सेना में भर्ती होने का था जुनून

ग्राम दियामहू के कृषक प्रयागनाथ के दो बेटे रूपेश और अंकित एक बेटी मोनिका है। दोनों बेटों को आर्मी को जाने का जुनून था और इसके लिए वह तैयारियां भी काफी दिनों से कर रहे थे। 12 वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद रूपेंद्र ने सेना में भर्ती होने के लिए आर्मी की कोचिंग शुरू की है। 2 साल तक वह लगातार सेना में जाने के लिए तैयारियां करता रहा। इसके लिए जोश और जुनून इतना था कि दोनों भाई मिलकर दिन-रात सेना में जाने की तैयारियां करते रहते थे। रूपेंद्र तो आधी रात 3:00 बजे से सेना में जाने के लिए रनिंग और अन्य तैयारियां करता रहता था। इसी बीच अक्टूबर माह में अग्निवीर भर्ती भोपाल में शुरू हो गई। इसके लिए रूपेंद्र भोपाल पहुंचा था।
29 अक्टूबर को सेना में भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षण और दौड़ प्रतियोगिता में उसे शामिल होना था। 29 तारीख को वह दौड़ में शामिल भी हुआ। लेकिन, दौड़ के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। वह दौड़ के बाद बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे पहले भोपाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे परिजन बैतूल लेकर आ गए। यहां उसे बैतूल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान 5 दिन बाद उसने दम तोड़ दिया।

रूपेंद्र के बाद अंकित ने भी तोड़ा दम

बड़े भाई रूपेंद्र की तरह अंकित भी सेना में भर्ती होने के लिए तैयारियां कर रहा था। वह सेकंड इयर का छात्र था। एनसीसी कैंप में रहकर वह सेना में जाने की तैयारियां कर रहा था। उसने आईटीआई की परीक्षा भी पास की थी। रूपेंद्र की 4 नवम्बर को हुई मौत के पहले अंकित 3 तारीख को सेना में भर्ती के लिए भोपाल की भर्ती रैली में शामिल हुआ था। 3 नवंबर को यहां भर्ती के दौरान दौड़ प्रतियोगिता में शामिल होने के बाद उसकी भी वैसी ही तबीयत बिगड़ी जैसी बड़े भाई रूपेंद्र की बिगड़ी थी। परिजन उसे भी लेकर बैतूल पहुंचे, जहां से उसे नागपुर के एक निजी अस्पताल में रैफर कर दिया गया। नागपुर के एक निजी अस्पताल में 4 दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करते हुए आखिर अंकित ने भी दम तोड़ दिया। दोनों भाइयों की एक एक कर एक जैसी ही परिस्थितियों में हुई मौत घर वालों के लिए पहेली बनी हुई है। वह समझ ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर दोनों भाइयों की एक जैसे हालातों में कैसे मौत हुई है। घर के दोनों चिरागों के अचानक जाने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

दिल्ली भेजी रिपोर्ट: डॉ. योगेश पंडाग्रे

बैतूल में हुई रूपेंद्र की मौत के बाद डॉक्टर भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उसकी मौत की वजह क्या है? बैतूल के एक निजी अस्पताल में भर्ती किए गए रूपेंद्र का इलाज कर रहे हैं विधायक और डॉक्टर योगेश पंडाग्रे ने बताया कि रूपेंद्र की दोनों किडनी खराब हो चुकी थी। उसके लीवर में भी सूजन थी, और फेफड़ों में पानी भरने लगा था। दोनों को सिकल सेल एनीमिया की बीमारी थी। श्री पंडाग्रे के मुताबिक दोनों युवकों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। जिसकी वजह से उनकी मौत की असली वजह सामने नहीं आ सकी है।
उन्होंने आशंका जताई है कि दोनों भाई सेना में भर्ती होने के लिए संभवत कोई स्टैमिना बूस्टर दवा लेते होंगे। जिसके ओवर डोज की वजह से भी उनकी मौत हो सकती है। दूसरी वजह दौड़ के दौरान थकान और मसल्स डैमेज होना भी कारण हो सकता है। लेकिन वास्तविक कारण फिलहाल सामने नहीं आया है। इसके लिए उसके कुछ ब्लड सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए हैं।