‘‘अच्छी संगत में बैठे नहीं जीवन बिताया प्याली में, भोजन थाल धरी रह गई, तू तो पड्ग्यो नाली में’’

3:09 pm or June 1, 2022
‘महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर एक जून ;अभी तक;  अखिल भारतीय साहित्य परिषद मालवा प्रान्त इन्दौर अध्यक्ष त्रिपुरारीलाल शर्मा के मार्गदर्शन में 31 मई को विश्व तम्बाकू उन्मूलन दिवस के उपलक्ष्य में ‘‘नशेमन’’ कवि सम्मेलन का ऑनलाइन आयोजन किया गया। आयोजन का संचालन मन्दसौर इकाई अध्यक्ष नरेन्द्र भावसार द्वारा किया गया।
                   रात्रि 8 बजे शुरू इस कार्यक्रम की शुरुआत जावरा के कवि रतनलाल उपाध्याय की सरस्वती वंदना प्रस्तुती से हुई। झाबुआ के भेरूसिंह चौहान ने नशेमन की विषय वस्तु को छू कर कविता ‘‘क्या  नशा है तम्बाखू का’’ सुनाई तो दिलीप शर्मा देवास ने फिल्मी पैरोडी ‘‘और इस मुँह में क्या रखा है गुटखा दबा रखा है‘‘, सुनाकर सहभागियों की दाद बटोरी। श्री ओमप्रकाश कुशवाह बड़वानी ने निमाड़ी में ‘‘अच्छी संगत में बैठे नहीं जीवन बिताया प्याली में भोजन थाल धरी रह गई, तू तो पड्ग्यो नाली में’ सुनाकर नशे की आदत से परिवार की परेशानी सुनाई। मन्दसौर के हरिओम बड़सोलिया ने ‘‘दिल को रखो काबू में क्या रखा तम्बाकू में’’ सुनाकर नशा छोड़ने की नसीहत दी। देवास की ममता झाला ने ‘‘छू लेती है मॉ विषय लेकर मर्मस्पर्शी कविता सुनाई। गगन बड़नगर ने ‘‘मानवता जिन्दा रहे’’ कविता पढ़ी तो सुरेश अत्रे सनावद ने ‘‘अपना ही अपनों को देखों अंग्रेजों सा लूट रहा गीत सुनाया।
                 जावरा के मनोहर मधुकरजी ने ‘‘अकेला हूॅ मैं इस कायनात में’’ कविता के साथ एक विरह गीत सुनाया। अध्यक्ष त्रिपुरारीलाल शर्मा ने कविता ‘‘कितना कठिन है राम बनना’’ सुनाते हुए सभी सहभागी की रचनाओं की एक ‘‘रचना माला’’ कविता सुनाकर अपना अध्यक्षीय उद्बोधन दिया तो संचालक नरेन्द्र भावसार ने ‘‘शहर बनाम जंगल के साथ’’ सफल संचालन का दायित्व निभाया। आभार मंदसौर इकाई महामंत्री नन्दकिशोर राठौर ने ‘‘सावन आया भादो जाए, प्रियतम मेरे तुम न आए’’ विरह वेदना के साथ प्रकट किया। रात्रि 10 बजे कवि सम्मेलन का समापन शुभ रात्रि के साथ हुआ