अतिवर्षा से क्षतिग्रस्त बालाघाट-बैहर सड़क का मंत्री श्री कावरे ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण

7:30 pm or September 1, 2020
अतिवर्षा से क्षतिग्रस्त बालाघाट-बैहर सड़क का मंत्री श्री कावरे ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण

आनंद ताम्रकार

बालाघाट एक सितम्बर ;अभी तक;  जिले में पिछले दिनों हुई अति वर्षा के कारण बालाघाट से बैहर जाने वाली सड़क गांगुलपारा से बंजारी के बीच तीन स्थानों पर पहाड़ों के धसकने से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। क्षतिग्रस्त सड़क से आवागमन को वर्तमान में बंद करा दिया गया है। मध्यप्रदेश शासन के राज्यमंत्री आयुष (स्वतंत्र प्रभार) एवं जल संसाधन विभाग श्री रामकिशोर “नानो’’ कावरे ने आज 01 सितम्बर 2020 को कलेक्टर श्री दीपक आर्य एवं पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक तिवारी के साथ इस क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति को देखा और सड़क विकास प्राधिकरण के अधिकारी को सड़क के मरम्मत का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिये।

           बालाघाट-बैहर सड़क के निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री के सी बोपचे, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री आर पी ठाकरे, मध्यप्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण के जिला प्रबंधक श्री दीपक आड़े एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे। मंत्री श्री कावरे ने अधिकारियों के साथ पैदल चलकर तीन स्थानों पर धसक गई सड़क की स्थिति को देखा।

मंत्री श्री कावरे ने सड़क के निरीक्षण के दौरान सड़क विकास प्राधिकरण के अधिकारी से कहा कि बालाघाट से बैहर के बीच अतिवृष्टि के कारण जहां-जहां पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है उसका सुधार कार्य तेजी से करें और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। जहां पर जरूरत हो वहां पर पहाड़ों से उतरने वाले पानी की निकासी के लिए छोटी-छोटी पुलिया बनायी जाये। जिससे भविष्य में इस तरह की स्थिति निर्मित न हो सके। बालाघाट से बैहर सड़क बालाघाट जिले की मुख्य सड़क है और इससे मलाजखंड एचसीएल के कापर ओर (अयस्क) तथा उकवा एवं भरवेली के मैंगनीज ओर(अयस्क) का परिवहन किया जाता है। बैहर एवं परसवाड़ा क्षेत्र के लोगों के आवागमन के लिए यह एक महत्वपूर्ण सड़क है। अत: इस सड़क का तेजी से सुधार एवं मरम्मत कर उस पर आवागमन पुन: प्रारंभ करना हमारी पहली प्राथमिकता है।

मंत्री श्री कावरे ने कहा कि भले ही सड़क के सुधार कार्य में समय अधिक लग जाये, लेकिन गुणवत्ता एवं कार्य की जरूरत का पूरा ध्यान रखना है। अतिवर्षा के कारण सड़क के जहां जहां से धसकने की संभावना है उसे भी देखा जाये और ठीक किया जाये। जहां पर जरूरत हो वहां पर मिट्टी के कटाव के लिए सीमेंट-कांक्रीट की दीवार बनायी जाये। मंत्री श्री कावरे ने कहा कि इस सड़क के सुधार एवं मरम्मत कार्य के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी।

गांगुलपारा जलाशय को पर्यटक स्थल बनाने के लिए की चर्चा

मंत्री श्री कावरे ने बालाघाट-बैहर सड़क के निरीक्षण के दौरान गांगुलपारा जलाशय के विश्राम गृह का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों से इस स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के संबंध में चर्चा की। मंत्री श्री कावरे ने कहा कि इस स्थान को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। यहां पर पर्यटन की बहुत अच्छी संभावना है। गांगुलपारा जलाशय देखने बड़ी संख्या में पर्यटक आते है, लेकिन उन्हें भोजन, नाश्ता, चाय-पानी आदि की सुविधायें नहीं मिलने से उनका आना कम हो गया है। गांगुलपारा जलाशय के पास के स्थल एवं विश्रामगृह को विकसित एवं व्यवस्थित किया जायेगा तो बैहर से बालाघाट की ओर आने वाले यात्री भी कुछ समय यहां पर ठहर कर इस जलाशय एवं जंगल के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगें। कलेक्टर श्री आर्य ने चर्चा के दौरान कहा कि निश्चित रूप से इस ओर ध्यान दिया जायेगा और इसके लिए काम किया जायेगा।

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