अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका से फसल बीमा पर जोर

3:19 pm or July 28, 2022

मयंक भार्गव

बैतूल २८ जुलाई ;अभी तक;  जुलाई माह में समूचे जिले में हुई झमाझम बारिश से अतिवृष्टि की स्थिति निर्मित हो गई है जिससे फसलों को जबरदस्त नुकसान होने की आशंका कृषि वैज्ञानिकों सहित कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा जताई जा रही है। अतिवृष्टि से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई के लिए जिला प्रशासन सहित कृषि एवं सीसीबी के अधिकारियों द्वारा शत प्रतिशत किसानों की खरीफ फसलों का फसल बीमा करवाने के लिए जोर आजमाईश की जा रही है। अभी तक बैतूल जिले के लगभग एक लाख किसानों के लगभग दो लाख खातों (खसरो) का फसल बीमा हो चुका है। अभी भी लगभग 30 से 40 हजार किसानों का फसल बीमा होना बाकी है। खरीफ सीजन के फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने 31 जुलाई के पूर्व सभी किसानों का फसल बीमा करवाने के निर्देश दिए हैं।
सीसीबी ने 85 हजार ऋणी किसानों का फसल बीमा किया
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बैतूल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आलोक यादव ने बताया कि खरीफ सीजन 2022 में सीसीबी द्वारा लगभग 85 हजार केसीसी धारक किसानों को ऋण वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी ऋणी किसानों का फसल बीमा करने के लिए उनके ऋण खातों से बीमा के प्रीमियम की राशि जमा कराई गई है। राष्ट्रीकृत बैंकों द्वारा भी केसीसी धारक किसानों की फसल बीमा प्रीमियम राशि जमा कर वाई जा रही है। सीसीबी के सीईओ श्री यादव ने बताया कि फसल बीमा की अंतिम तारीख 31 जुलाई है तथा 15 अगस्त तक फसल बीमा की प्रीमियम राशि बीमा कंपनी को भेजना है।
अऋणी किसानों को स्वयं कराया होगा फसल बीमा
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित्त बैतूल के सीईओ श्री यादव ने बताया कि डिफाल्टर एवं अऋणी किसानों को स्वयं फसल बीमा करवाना होगा। अऋणी किसान बैंकों, कियोस्क सेंटर के माध्यम से या स्वयं एप के द्वारा बीमा की प्रीमियम जमाकर फसल बीमा करवा सकते हैं।
31 जुलाई के पूर्व सभी किसानों का फसल बीमा करवाने पर जोर
उपसंचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास बैतूल केपी भगत ने बताया कि फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। भारी बारिश के चलते फसलों को नुकसान होने की आशंका के चलते अधिक से अधिक फसलों का फसल बीमा करवाने पर जोर दिया जा रहा है। सहकारी सहित राष्ट्रीकृत बैंकों के प्रबंधन को सभी ऋणी किसानों का फसल बीमा अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अऋणी किसानों से स्वयं फसल बीमा करवाने के लिए अपील की गई है। फसल बीमा के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। डीडीए श्री भगत ने बताया कि अभी तक जिले में लगभग 1 लाख किसानों के दो लाख खसरों की फसल बीमा करवाया जा चुका है। लगभग 30 से 40 हजार किसानों का फसल बीमा होना बाकी है। 31 जुलाई के पूर्व उक्त किसानों का फसल बीमा करवाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
मौसम साफ होने के बाद हो सकेगा नुकसान का आंकलन
डीडीए श्री भगत ने बताया कि जुलाई माह में जिले भर में हुई भारी बारिश से खेतों में जल भराव की स्थिति निर्मित हो गई है जिससे समतलीय इलाकों में काली मिट्टी वाली भूमि की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि जिन खेतों में पानी भरा हुआ है वहां विशेषकर सोयाबीन फसल में तना सडऩ, जड़ सडऩ का नुकसान हो सकता है, हालांकि मौसम साफ होने एवं धूप निकलने के बाद ही अत्यधिक बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान का आंकलन किया जा सकेगा।
जिले में हो चुकी सीजन की 80 फीसदी बारिश
जुलाई माह में जिले भर में हुई झमाझम बारिश से अभी तक जिले में औसत 37.73 इंच वर्षा हो चुकी है। जो कि सीजन की 80 फीसदी है। पूरे वर्षाकाल में जिले की औसत सामान्य वर्षा 43.35 इंच है। अब सिर्फ 8.62 इंच वर्षा होने पर जिले में बारिश का कोटा पूरा हो जाएगा। जिले के घोड़ाडोंगरी ब्लाक में सर्वाधिक 53.48 इंच एवं आठनेर में सबसे कम 21.10 इंच वर्षा हुई है।