अदालत ने तालाब की जमीन पर हुये 13 अवैध अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से तोडने के आदेश दिये

6:06 pm or May 11, 2022

आनंद ताम्रकार

बालाघाट ११ मई ;अभी तक;     मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील के अंतर्गत चावरपाठा ब्लाक में आने वाली ग्राम पंचायत लिलवानी में तालाब की जमीन पर किये गये अवैध अतिक्रमण को लेकर एनजीटी की सेंट्रल बेच के जस्टिस शिवकुमार सिंह एवं जस्टिस अरुण कुमार वर्मा ने याचिकाकर्ता नागरिक उपभोक्ता मंच के मनीष वर्मा,पवन कौरव, सज्जाद अली द्वारा प्रस्तुत जनहित याचिका पर निर्णय देते हुये नरसिहपुर कलेक्टर रोहित सिंह को तालाब की जमीन पर हुये 13 अवैध अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से तोडने के आदेश दिये है।

याचिकाकर्ताओं ने 24 फरवरी 2022 को दायर की थी जिस पर एनजीटी ने 11 मार्च को जांच के आदेश दिये थे अब इस मामले में सोमवार 9 मई को एनजीटी ने 20 पृष्ठ का विस्तृत आदेश दिया है वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जबलपुर को निर्देशित करते हुये कहा की प्रदूषण विभाग अतिक्रमण के कारण होने वाली पर्यावरण क्षतिपूर्ति का आकलन कर सभी अवैध अतिक्रमण करने वाले लोगों से उक्त राशि की वसूली करने के निर्देश दिये है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रभात यादव ने अपना पक्ष रखा।

यह उल्लेखनीय है की लिलवानी ग्राम पंचायत में लगभग 9 एकड़ जमीन तालाब के नाम राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। वहीं कुछ जगह पर तालाब भी बना हुआ है जिसे सकरा कर दिया गया था और इसी तालाब की जगह पर जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायत लिलवानी द्वारा करोडों रुपये की लागत से स्कूल पंचायत भवन हाट बाजार,मार्केट, सडक निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्य करा दिये गये जिसकी लागत लगभग 5 करोड़ रुपये आकी गई और तालाब को सकरा कर छोटा आकार दे दिया गया है। जहां पर ये निर्माण कार्य कराये गये है वहां पर तालाब के पानी के भराव की जगह को मिट्टी से भर दिया गया है। जिसके बाद बिना पर्यावरण का ध्यान रखे करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य शासन द्वारा ही तालाब की जमीन पर करवा दिये गये है। वहीं कुछ आसपास की कैचमेंट एरिया की भूमि पर किसानों को भी कब्जा था। इस आधार पर तालाब पर हुये अतिक्रमण को हटाने हेतु याचिका दायर की गई थी।

एनजीटी ने प्रदूषण विभाग और नरसिंहपुर कलेक्टर को आदेश देते हुए कहा है की वह ग्राम पंचायत लिलवानी को नोटिस जारी कर ये पूछे की उसने किसी अनुमति से तालाब की जमीन में पंचायत भवन स्कूल हाट बाजार का निर्माण कर दिया या फिर बिना अनुमति के निर्माण तालाब की जमीन पर ग्राम पंचायत द्वारा किया गया है यदि बिना अनुमति ये निर्माण कार्य किया गया है तो उसकी क्षतिपूर्ति की वसूली ग्राम पंचायत से की जायेगी।

इस मामले पर 12 जुलाई को एनजीटी सुनवाई करेगी। अगली सुनवाई से पहले फाइनल रिपोर्ट नरसिंहपुर कलेक्टर एवं प्रदूषण विभाग को एनजीटी के समक्ष सौंपने के निर्देश दिये गये है।