अधूरी सफाई से बिगड़ रही फिजा, फंड की कमी से स्वच्छता कार्य बाधित

11:48 pm or December 28, 2021
मंडला संवाददाता

मंडला २८ दिसंबर ;अभी तक;  मंडला नगरपालिका क्षेत्र के कई वार्डों की गलियां आज भी कूड़ा करकट और गंदगी के ढेर से भरी पड़ी हैं। इसे नगरपालिका के सफाईकर्मियों की लापरवाही कही जाए या स्थानीय निवासियों की मनमानी कि घर घर कचरा वाहन पहुंचने के बावजूद वे सड़क किनारे कचरे का ढेर लगाने से नहीं चूकते। कारण चाहे जो भी हो लेकिन नगरपालिका प्रबंधन पूरे नगरीय क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने में पिछड़ता जा रहा है। नगर के कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जो व्यावसायिक कहे जाते हैं। इन क्षेत्रों में स्थानीय व्यापारियों ने कई स्थानों पर अघोषित कचराघर बना रखा है। ऐसे स्थानों पर सफाई व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह से विफल रही है।

एक साल से नहीं मिला फंड
                      शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने में फेल होने का कारण फंड का अभाव बताया जा रहा है। नगरपालिका सीएमओ का कहना है कि कचरा भंडारण के लिए पूरे नगरीय क्षेत्र में 12 छोटे वाहनों का संचालन किया जा रहा है। 4 बड़े कचरा वाहन हैं और 1 जेसीबी मशीन है। इन सबके लिए प्रति माह 3-4 लाख रुपए का ईंधन व्यय की आवश्यकता होती है। बताया गया है कि पिछले एक वर्ष से नगरपालिका को ईंधन का फंड उपलब्ध नहीं कराया गया है। मूलभूत सुविधाओं के लिए नगरपालिका को प्रतिमाह मिलने वाला 20 लाख रुपए के फंड आवंटन को भी रोक दिया गया है। यही कार्य हैं कि इससे मेंटेनेंस के कई कार्य बाधित हो रहे हैं।
बॉक्स:
15 वाहन ढो रहे 13 टन कचरा
                     मंडला नगर पालिका क्षेत्र के 24 वार्डों से प्रतिदिन लगभग 13 टन कचरा निकल रहा है। इस कचरे को ढोने के लिए नगर पालिका द्वारा कुल 15 वाहन चलाए जा रहे हैं। इसमें से 10 छोटे और 4 बड़े कचरा वाहन हैं जो हर रोज प्रत्येक वार्ड के प्रत्येक घर के सामने जाकर कचरा संग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा एक जेसीबी मशीन चलाई जा रही है। जिसके जरिए कचरे के ढेर को बड़े वाहनों में रखा जाता है। टनों मात्रा में निकल रहे कचरे को नगरपालिका क्षेत्र से लगभग 10 किमी दूर माली मोहगांव के नजदीक बनाए गए ट्रंचिंग ग्राउंड में निस्तारण किया जा रहा है। इन सबके बावजूद नगर के मुख्य मार्ग के किनारे अब भी कई स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा कचरे के ढेर लगाए जा रहे हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नगरपालिका प्रबंधन भी इस क्षेत्र के लोगों को जागरुक करने में असफल हो रहे हैं।