अनलॉक के पहले व्यापारियों का कोरोना टेस्ट का निर्णय उचित नहीं

महावीर अग्रवाल
     मंदसौर २९ मई ;अभी तक;      प्रशासन द्वारा अनलॉक के पहले समस्त व्यापारियों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा तथा जो कोरोना पॉजिटिव निकलेगा उसे व्यवसाय करने की अनुमति नहीं होगी
           उक्त निर्णय के पीछे शासन प्रशासन की मंशा भले ही अच्छी हो किंतु यह पूरी तरह और अव्यवहारिक है क्योंकि जो व्यापारी एक महीने से अपने घरों में बंद है तथा उसकी बीमारी की कोई शिकायत भी नहीं है ऐसी स्थिति में उनकी जांच कराना इसका कोई औचित्य दिखाई नहीं देता है
              उक्त विचार व्यक्त करते हुए शिक्षाविद रमेश चंद्र चन्द्रे  ने कहा कि नगर के छोटे बड़े मिलाकर करीब छह हजार व्यापारी हैं जिन का स्वास्थ्य परीक्षण इतना आसान नहीं है और परीक्षण के नाम पर एक बहुत बड़ी भीड़  इकट्ठी करके प्रशासन फिर से बीमारी को निमंत्रण देने की कार्रवाई कर रहा है
                   श्री चन्द्रे  ने कहा की 6000 व्यापारियों के परीक्षण में काफी लंबा समय लगेगा और व्यापारी पहले से ही आर्थिक दृष्टि से बहुत परेशान है तथा व्यापार-व्यवसाय के नाम पर जो नुकसान को सहन कर रहा है उसे देखते हुए उसके धैर्य की परीक्षा नहीं लेना चाहिए तथा प्रशासन को अपना यह निर्णय निरस्त करना चाहिए
                       श्रीचन्द्रे ने कहा कि व्यापारी और जनता यदि प्रशासन को सहयोग कर रही है तो उस पर और अधिक कानून का शिकंजा बढ़ाना यह उचित नहीं है इसलिए विधायकों, सांसद तथा प्रभारी मंत्रियों को भी इस दिशा में ध्यान लगाकर इस कार्रवाई को रोकना चाहिए अन्यथा व्यापारी वर्ग इस कार्रवाई से बिल्कुल भी खुश नहीं है