अनुभव और वरिष्ठता में गिरीश व  युवाओ  में विनोद सिंगरौली महापौर सीट के प्रबल दावेदार

6:14 pm or March 14, 2021
अनुभव और वरिष्ठता में गिरीश व  युवाओ  में विनोद सिंगरौली महापौर सीट के प्रबल दावेदार
एस पी वर्मा
सिंगरौली १४ मार्च ;अभी तक;  *नगर पालिक निगम सिंगरौली* की *अनारक्षित महापौर की सीट* पर भारतीय जनता पार्टी इस बार ब्राह्मण समाज से किसी को  प्रत्यासी बनाएगी ?  या फिर सिंगरौली *विधानसभा की अनारक्षित सीट* की तरह  *ओबीसी समाज के किसी दावेदार* को  प्रत्यासी बनाएगी, इस बात को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह तरह की चर्चाएं आम है। लेकिन *नगर निकाय चुनाव* में इस बार ब्राह्मण समाज  आश्वस्त ही नही बल्कि उन्हें  भाजपा पर  पूरा विश्वास है कि  इस बार उनके समाज से ही किसी अनुभवी या फिर किसी जमीनी नए व युवा चेहरे को टिकट दे सकती है। इसी काल्पनिक  आशा और विश्वास में ब्राह्मण समाज से दावेदारो के नाम की सूची बढ़ती जा रही है। ब्राह्मण समाज से छोटे- बड़े  एवं नए पुराने चेहरों को मिलाकर भले ही  दावेदारो की संख्या  डेढ़ दर्जन पहुंच गई है, पर जानकारों ,पार्टी सूत्रों  व जनसमर्थकों की माने तो  इन सभी  दावेदारो पर दो चेहरे *गिरीश द्विवेदी व विनोद दुबे* भारी पड़ सकते हैं और इन दोनों में से ही किसी को *सिंगरौली अनारक्षित  महापौर सीट* का टिकट मिल सकता है।
*अनुभव या युवा , पार्टी किसे देगी महत्व*
ब्राह्मण दावेदारो की जेम्बोजेट सूची में  अनुभव व वरिष्ठता की दृष्टि से वैसे तो पहले स्थान पर  *पूर्व सीडा अध्यक्ष  व भाजपा नेता गिरीश द्विवेदी* का नाम शामिल है लेकिन पार्टी  यदि किसी  *सरप्राइजिंग नए व युवा चेहरे* को टिकट देती है तो वह  *संघ व भाजपा संगठन* दोनों  में कई महत्वपूर्ण विभिन्न पदों पर सक्रिय  रहे  **विनोद दुबे* हो सकते हैं। *विनोद दुबे  युवाओं* में जहां प्रबल दावेदार  है तो वहीं *अनुभव ,उम्र व श्रेष्ठता* के हिसाब से दावेदारी कर रहे तमाम दावेदारो में *गिरीश द्विवेदी* प्रबल दावेदार हैं। दोनों की साफ सुथरी छवि , सरलता ,सहजता व मृदुभाषी व्यक्तित्व इन्हें टिकट दिलाने के नजरिये से मजबूत कड़ी है। नाम ना छापने की शर्त पर उक्त दोनों नाम की सहमति व समर्थन की बात भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता भी दबे जुबान कर रहे हैं। बरहाल दोनों में से ही किसी एक को टिकट मिलेगा या किसी और को ये तो गर्त में है ,पर इन दोनों दावेदारो की तुलनात्मक उलब्धियो पर एक  नजर इनायत होना जरूरी है।
*भाजपा सिंगरौली के मजबूत नेताओं में  शामिल गिरीश द्विवेदी का राजनीतिक सफर*
भाजपा सिंगरौली के लोकप्रिय व मजबूत नेताओं में शामिल गिरीश द्विवेदी 1989 के  *लोकसभा चुनाव के दौरान स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह* के सम्पर्क में आये। उसके बाद *1990 से 1992 राम मंदिर आंदोलन* मे सक्रिय रहे। *1994 में भाजपा मंडल महामन्त्री देवसर*  नियुक्त हु। *1996  में अविभाजित सीधी – सिंगरौली के युवा मोर्चा जिला मंत्री* के पद पर काम कर युवाओ को भाजपा से जोड़ने व संगठन को मजबूती प्रदान करने का काम किया।  *1998  में  भाजपा सीधी -सिंगरौली  का जिला  मीडिया प्रभारी*  के जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
*भाजयुमो व भाजपा के रह चुके हैं जिलाध्यक्ष*
 वरिष्ठता व अनुभव की दृष्टि से महापौर प्रत्यासी के दौड़ में शामिल गिरीश द्विवेदी
 *1999 में भाजयुमो सीधी का जिलाध्यक्ष बने* और *2007 में भाजपा अविभाजित सीधी-सिंगरौली के 2010* तक जिलाध्यक्ष रहे। श्री  द्विवेदी जिलाध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान सिंगरौली जिले सभी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की एेतिहासिक जीत हुई।
*अन्य उपलब्धि*
                      श्री द्विवेदी
*2010 से  2013  तक जिला प्रभारी शहडोल*  रहे उसके बाद 2012अप्रैल से  2013 दिसम्बर तक *सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष* रहे। इसके अलावा  2010 से अभी तक प्रदेश कार्यसमिति में बतौर सदस्य  बने हुए हैं। अनगिनत उपलब्धियों से लबरेज *श्री द्विवेदी ने 2015* में  भाजपा के सदस्यता अभियान   का महाजनसम्पर्क सम्भाग के प्रभारी के दायित्व का निर्वहन किया।  *2018  के विधानसभा चुनाव में 15 विधानसभा* क्षेत्रो के  प्रभारी के दायित्व का भी सफल निर्वहन किये।
*प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के सिंगरौली सभा के रहे प्रभारी*
  गौरतलब हो कि गिरीश द्विवेदी *2013 में वर्तमान प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ( तब पीएम प्रत्यासी) के वैढन की सभा* के प्रभारी थे  और इनके देख रेख में देश के सबसे मजबूत व लोकप्रिय नेता का कार्यक्रम सम्पन हुआ। इसके बाद *2018 में वर्तमान केंद्रीय गृह अमित शाह( तब राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा)* की  सभा का भी  इन्हें  प्रभारी बनाया गया और  यह सभा भी ऐतिहासिक रूप से  सम्पन्न हुआ। भाजपा सिंगरौली में मजबूत पकड़ रखने वाले गिरीश द्विवेदी *2019 लोकसभा चुनाव में शहडोल* के प्रभारी व  बिहार,उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और  हरियाणा के विधानसभा चुनाव में प्रचार प्रसार करने के दायित्व का निर्वहन किया। इसके अलावा  तथा प्रदेश के होने वाले चुनावो/उपचुनाव  मे सक्रियता व पार्टी में पेज प्रमुख बनाने की  शुरुआत इनके द्वारा किया गया।
*भाजपा के युवा प्रत्यासी में प्रबल दावेदार विनोद दुबे के संघ, एव्हीबीपी व पार्टी में  उपलब्धि*
महापौर दावेदार *गिरीश द्विवेदी जहां पार्टी संगठन में 1994* से सक्रिय है तो वहीं *विनोद दुबे संघ व संगठन दोनों में 1993* से सक्रिय हैं।
ब्राह्मण  होने के बाद भी सभी जाति वर्ग मे लोकप्रिय *विनोद दुबे  1993 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सिंगरौली के प्रथम सदस्य* बने। उसके बाद *नगर संयोजक से लेकर प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य* सभी दायित्वों का निर्वहन करते हुए विपरीत परिस्थितियों में भी सिंगरौली में परिषद को एक सशक्त संगठन के रूप में खड़ा किया।  श्री दुबे *1993 से लेकर 2003 तक एबीव्ही परिषद* से जुड़े रहे। *2013 से भाजपा में सक्रिय होकर आई टी सेल के जिला संयोजक* के दायित्व का  निर्वहन किया। *2017 से मुख्यमंत्री जन कल्याण प्रकोष्ठ के जिला संयोजक* के दायित्व का निर्वहन अब  तक कर रहे हैं। इसके अलावा *2016 से भारत विकास परिषद* जुड़ें है और  *2009 से 2014 तक विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष*  रहे।
*इन क्षेत्रों में विनोद दुबे की अतिरिक्त पकड़*
*विनोद दुबे का संघ व भाजपा संगठन के अलावा  शिक्षा विभाग में अच्छी पैठ है, कारण श्री दुबे 1998 से 2005 तक शिक्षक* भी रहे हैं। इसकेअलावा  सन *2000 से लेकर लगातार सिंगरौली कराटे एसोसिएशन* में कई पदों पर रह कर कराटे खेल को जिले में बढ़ाया और वर्तमान में सिंगरौली कराटे एसोसिएशन में जिला उपाध्यक्ष पद हैं । शिक्षक व खेल से जुड़े होने की वजह से इन दो क्षेत्रो में इनकी अच्छी पकड़ व लोकप्रियता है। इसके अलावा श्री दुबे का कई *न्यूज पेपरों में  पत्रकारिता  करने की वजह से मीडिया साथियो* के बीच में भी व्यवहारिक संबंध हैं।*2015 से बतौर अधिवक्ता न्यायालयीन कार्य*  से भी जुड़े हैं। जहाँ इन्हें सिंगरौली अधिवक्ताओं का भी समर्थन प्राप्त है। लोकप्रिय , सरल ,सहज, मिलनसार, सहयोगी व युवा होने की वजह से उक्त क्षेत्रों में पकड़ प्लस प्वाइंट  है। इन सबसे अलग संघ व भाजपा के प्रति पूरी आस्था रखने वाले श्री दुबे पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता हैं।

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