अन्तर्राष्ट्रीय शरदपूर्णिमा महोत्सव ;अंतिम जागनी की रात में सखी रूप में अपने पिया को रिझाने के लिए अपनी  सुथ बुध खो कर रासलीला में मस्त रहे श्रद्धालु

8:12 pm or October 24, 2021
अन्तर्राष्ट्रीय शरदपूर्णिमा महोत्सव   अंतिम जागनी की रात में  सखी रूप में अपने पिया को रिझाने के लिए अपनी  सुथ बुध खो कर रासलीला में मस्त रहे श्रद्धालु

हमारे संवाददाता

पन्ना  २४ अक्टूबर ;अभी तक;  अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव की अंतिम जागनी की रात विशेष  दिखी। श्री प्राणनाथ मंदिर प्रांगण के ब्रह्म चबूतरे मैं  पूर्ण  समर्पित भाव से श्रद्धालु सुंदरसाथ श्रद्धा के साथ अपने पिया को पाने के लिए रात भर सखी भेष में गरबा नृत्य (रामते) करते हुए बिताई।

              आज की पूरी रात   विभिन्न प्रकार के गरवा नृत्य मे अपनी शुद्ध बुद्ध खो कर श्रद्धालु  सुंदरसाथ जिसमें महिलाएं, पुरुष,, युवक युवतियों सहित बच्चे भी शामिल रहे और उन सभी का एक ही  उद्देश रहता है कि हम अपने पिया के रंग में रंगे रहे और उनको रिझाने में सफल हो जाएं । इसी उद्देश को लेकर पूरे 5 दिनों तक लगातार रासलीला चलती रहती हैं। तत्पश्चात पंचमी की सुबह पूरी श्रद्धा और भाव के साथ राजसमंद अल्सर आज के रसिया महामती श्री प्राणनाथ जी सवारी श्री बालाजी दरबार साहिब मंदिर के लिए प्रस्थान करती है जिसमें सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु नाते गाते हुए सवारी के साथ चलते हैं और श्री से डिश कल्याण की कामना के लिए बिनती करते हैं।