अन्न क्षेत्र में गरीब असहाय व्यक्तियों को भोजन कराया

9:38 pm or October 27, 2022

महावीर अग्रवाल

मन्दसौर २७ अक्टूबर ;अभी तक;  अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयूवक परिषद द्वारा  विश्व पूज्य गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्र सुरीश्वर जी महाराज साहेब के
प्रिय शिष्य आचार्य श्री यतींद्र सूरीश्वर जी महाराज साहेब का 140 वा जन्मोत्सव राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद मंदसौर के तत्वाधान में अन्न क्षेत्र में असहाय व्यक्तियों को भोजन कराया व गुरुनुवाद कर धूम धाम से मनाया गया।
                                             इस अवसर पर  श्री संघ के अध्यक्ष श्री गजेंद्र जी हिंगड़  संघ के सचिव अशोक जी खाबिया राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद के अध्यक्ष अजय जी फाफ़रिया   महामंत्री कमलेश सालेचा तरुण परिषद के अध्यक्ष रत्नेश पारख मंचासीन थे कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों ने आचार्य यतीन्द्र सूरीश्वर जी महाराज साहब के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया।
                                         इस अवसर पर श्री संघ के अध्यक्ष श्री गजेंद्र जी हिंगड़ ने  गुरु का गुणनुवाद करते हुए कहां की यतीन्द्र सूरीश्वर जी महाराज साहब द्वारा राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद का बीज बोया  था जो आज पूरे वट वृक्ष के रूप में पूरे देश में संचालित है श्री संघ के सचिव अशोक जी खबिया  ने कहां की यतीन्द्र सूरीश्वर  जी महाराज साहब को व्याख्यान वाचस्पति की उपाधि से अलंकृत थे वह राजेंद्र सूरीश्वर जी महाराज साहब केप्रिय शिष्य थे नवयुवक परिषद के अध्यक्ष अजय फ़ाफ़रिया ने बताया  कि यतीन्द्र सूरीश्वर जी महाराज साहब ने 13 वर्ष की बाल उम्र में ही संयम जीवन धारण कर समाज उत्थान के कार्य में अनेकों अनेक कार्य किए वह आपकी दीक्षा खाचरोद नगर में संपन्न हुई जिसके बाद आपने 61 ग्रंथों रचे व सम्पूर्ण परिषद व समाजजन को दिवाली व नववर्ष की सुभकामना भी दी परिषद के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र जी का कर्णावट ने बताया कि नवयुवक परिषद समाज की एक रीड की हड्डी है जो  समाज उताहन  के हर कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है व गुरुदेव के जीवन चरित्र पर विस्तृत जानकारी दीनतरुण परिषद के अध्यक्ष रत्नेश पारख  ने कहा कि आचार्य श्री यतीन्द्र सूरीश्वर जी  महाराज साहब त्रिस्तुतिक परम्परा के चौथे पट्टधर थे एवम पुण्य सम्राट आचार्य जयंत सेन सुरेश्वर जी महाराज साहब के गुरु थे  .
                                          परिषद के सह कोषाध्यक्ष जयेश डांगी ने बताया कि आपका जन्म नाम रामरत्न था वह परिषद के नवीन  गठन के बाद यतीन्द्र सूरीश्वर  जी महाराज साहब के जन्मोत्सव पर पहला प्रकल्प मिला यह परिषद के लिए हर्ष का विषय है अन्न क्षेत्र में निस्सहाय महानुभव को भोजन कराने का  लाभ श्रीमान पारसमल जी हीरालाल जी हिंगड़ परिवार ने लिया परिषद ने उनका आभार माना कार्यक्रम का संचालन परिषद के महामंत्री कमलेश जी सालेचा ने किया  इस अवसर पर कार्यक्रम में परिषद के उपाध्यक्ष रोहित जी संघवी कोषाध्यक्ष विपिन जी चपरोत  कुलदीप जी मारवाड़ी ,राजकुमार चपरोत, संदीप जी हिंगड़, मयूर जी सुराणा विशाल जी हिंगड़,अपूर्व जी डोसी, शिखरजी कर्णावट आयुष डोसी, नेहल जीचंडावला,व अनेक समाज जन उपस्थित थे अंत में आभार परिषद के शिक्षा मंत्री महेंद्र  छिगावत ने माना उक्त जानकारी परिषद के अध्यक्ष अजय जी फ़फ़रिया ने दी ।