अपनी ही नाबालिग बच्चीे के साथ हैवानियत करने वाले पिता को हुआ 20 वर्ष का सश्रम कारावास

विधिक संवाददाता
इंदौर १५ नवंबर ;अभी तक; जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्ततव ने बताया कि दिनांक 13.11.21 को न्या यालय- श्रीमती पावस श्रीवास्तयव विशेष न्यारयाधीश (पॉक्सो  एक्ट‍), जिला इंदौर के न्या यालय में थाना परदेशीपुरा के अपराध क्र. 21/2020, विशेष प्रकरण क्रमांक 107/2020, में निर्णय पारित करते हुए आरोपी XYZ जिला इंदौर (म0प्र0) को दोषी पाते हुए धारा 376(2)(एफ) भा.द.सं. में 10 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 376 एबी भा.द.सं. में 20 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 5 (एम) सहपठित 6 पॉक्सोक एक्टी में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 5 (एन) सहपठित 6 पॉक्सोक एक्टर में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं  कुल 4000 रूपये के अर्थदण्डन से दण्डित किया गया । प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री संजय मीणा द्वारा की गई     ।
              अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक  10.01.2020 को थाना परदेशीपुरा इंदौर में पीडिता ढाई वर्षीय बालिका की मॉ ने थाने आकर यह रिपोर्ट दर्ज करवाई कि वह टाउनाशिपों में केयर टेकर का काम करती है जहॉ रोज नाईट ड्यूटी रहती है । रोज घर पर उसकी बच्चीअ पीडिता और उसका पति अभियुक्ती  रहते है । परसो बुधवार की रात वह अपनी बच्ची पीडिता को रोज की तरह उसके पापा अभियुक्तॉ के साथ घर पर छोडकर गई थी । सुबह घर आकर दिन में बच्चीा पीडिता के फ्रेश होने के बाद जब उसने उसे वाश किया तो प्राइवेट पार्ट में दर्द होने पर कहारने लगी, जब उसने देखा तो प्राइवेट पार्ट में सूजन तथा लाल हो रहा था । पीडिता बच्ची की मॉ ने उक्ता सूचना पर थाना परदेशीपुरा में आकर रिपोर्ट दर्ज करायी जिसके आधार पर अपराध क्र. 21/2020 पर अभियुक्तब के विरूद्ध भादसं की धारा 376(2)(च), 376(2)(i) एवं पॉक्सोक एक्टन की धारा 5(एम), 5(एन), 6 का अपराध पंजीबद्ध किया गया । विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्याेयालय में पेश किया गया । जिस पर से आज आरोपी को उक्तब सजा सुनाई गई ।