अपने ही बच्चे की मुंह दबाकर हत्या करने वाले कलयुगी पिता को हुआ आजीवन कारावास

महावीर अग्रवाल  

मंदसौर एक अक्टूबर ;अभी तक;   माननीय जिला एवं सत्र न्यायधीष महोदय मंदसौर द्वारा आरोपी श्रवणसिंह पिता जुझारसिंह सौंधिया राजपूत उम्र 30 साल नि0ग्रा0 कांटीया थाना सुवासरा जिला मंदसौर को अपने ही बच्चे की मुंह दबाकर हत्या करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।

                        सहायक मीडिया सेल प्रभारी शोएब खान ने बताया कि मामला इस प्रकार है कि दिनांक 14.11.2020 को फरियादिया ने रिपोर्ट किया कि मैं कांटीया रहती हूं मेरे पति श्रवणसिंह पिता जुझारसिंह नि0 कांटीया हैं जिनसे मेरी शादी 10-11 वर्ष पूर्व हुई थी। मेरे दो लडके हैं बडा लडके की उम्र 6 वर्ष और छोटा लडका योगेन्द्र सिंह डेढ वर्ष का है। मेरे ससुर की मृत्यु हो गई थी, पहली दीवाली का त्यौहार होने से मेरी नंनद जाना बाई, कृष्णा बाई व कांग्रेस बाई त्यौहार मनाने हमारे घर आये हुए थे मेरे पति श्रवणसिंह मुझसे हमेषा कहते रहते थे एक लडका व एक लडकी की जरूरत थी जो दूसरा लडका पैदा हो गया है उसे इसे तेरे बाप के घर छोड आ मुझे नही चाहिए। इस प्रकार मेरे पति आये दिन छोटे लडके योगेन्द्र सिंह से नफरत करते थे। दीवाली का त्यौहार होने से सभी जेठ,देवर व नंनद घर पर थे। दिन के करीब 1 बजे मैं पानी भरने लगी तो योगेन्द्र सिंह रोने लगा तो मेरे पति श्रवणसिंह ने योगेन्द्र को गोद में उठा लिया। मैं कालूसिंह सौंधिया के कुंए से करीब आधा घंटे में पानी भरकर वापस आई तो मैने देखा मेरे पति मेरे बेटे योगेन्द्र को गोद में डालकर खडा था। मै घर के अंदर आई तो देखा मेरे बेटे की गर्दन लटक कर मुंह से झाग जैसे आ रहे हैं व छींकने जैसे कर रहा था व गर्दन लटक रही थी हिचकी जैसा होकर बेहोष था। मैने बच्चे को गोद में उठाया व मेेरे पति से पूछा कि इसे क्या हुआ तो बोले की कुछ नही यह तो ठीक है तब मैं चिल्लाई तो जेठ मेहरबानसिंह, नारायणसिंह व जेठानियां बालाबाई, श्यामु बाई व नंनद जाना बाई, कृष्णा बाई व कांग्रेस बाई इकट्ठा हुए तब तक बच्चा मर गया था । तब परिवार में सरदारसिंह सरपंच, बालूसिंह, बद्रीलाल विष्वकर्मा, नारायणसिंह, बगदीराम विष्वकर्मा आदि इकटठा हो गये। सभी को पता चला कि मेरे पति योगेन्द्र सिंह को नही चाहते थे तो सभी ने पूछा कि बच्चा एकदम स्वस्थ्य था तथा श्रवणसिंह के पास था जो अचानक कैसे मर गया। सरपंच सरदारसिंह ने सबके सामने मेरे पति से पूछा तो उन्होंने बताया कि मैने मार दिया है, गलती तो हो गई पर दीवाली बाद जेल भेज देना। तब सरपंच ने पुलिस को सूचित किया श्रवणसिंह अपने बच्चे को नही चाहता था इसलिये उसे घर में अकेला देख खुद की गोद में गला दबाकर या मुंह दबाकर हत्या कर दी है। उक्त रिपोर्ट पर से आरोपी श्रवणसिंह के विरूद्ध थाना सुवासरा पर अप. क्र. 311/2020, धारा 302 भादवि का उनि समरथ सीनम द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेष किया गया। जहां प्रकरण के संपूर्ण विचारण उपरांत-
माननीय जिला एवं सत्र न्यायधीष महोदय मंदसौर के समक्ष आरोपी श्रवणसिंह पिता जुझारसिंह सौंधिया राजपूत 30 साल नि0ग्रा0 कांटीया थाना सुवासरा जिला मंदसौर ने अपने ही बच्चे की मुंह दबाकर हत्या करना स्वीकार किया। जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी श्रवणसिंह को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
प्रकरण में अभियोजन का सफल संचालन उप संचालक अभियोजन बापूसिंह ठाकुर द्वारा किया गया।