अफीम काश्तकारों ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी कर जताया आक्रोश नीमच में विशाल आंदोलन करने की दी चेतावनी

9:09 pm or November 2, 2022
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर२ नवंबर ;अभी तक;  अफीम काश्तकारों ने नारकोटिक्स कार्यालय परिसर में सीपीएस पद्धति के विरोध में नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि किसान समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे है परन्तु क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस ओर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया। किसानों का कहना है कि सीपीएस पद्धति पूर्णतया समाप्त की जाय तथा चीरा लगाने की अनुमति प्रदान की जाय नहीं तो नीमच में विशाल आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी विभाग की रहेगी।
                                        किसानों ने बताया कि नामांतरण के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा हैं पौत्र के नाम पर लाखों रुपयों में दिये जा रहे है। मुखियाओं के नाम से रूपये एकत्रित किये जा रहे है। नहीं तो धमकियां दी जाती है। किसान नेताओं ने कहा कि हमारी जायज मांगे सीपीएस पद्धति समाप्त की जाए, चीरा लगाने की अनुमति दी जाये। अफीम के भाव 10 हजार रू. प्रति किलो किये जाये। 1990 से काटे गए पट्टों को बहाल किया जाये। वर्ष 2013-14 में प्राकृतिक आपदा से कटे पट्टे बिना शर्त बहाल किये जाये। मुखियाओं पर बेवजह दबाव न बनाया जाये। प्रत्येक किसान को मान सम्मान दिया जाये। यदि समय रहते उक्त मांगे नहीं मानी गई तो उग्र आंदोलन किया जायेगा।
                                  इस अवसर पर खूबचन्द शर्मा, योगेन्द्र जोशी, महेन्द्रसिंह घटावदा, रोड़ीलाल कुम्माखेड़ी, मांगुसिंह राठौर, नन्दराम प्रजापति, नेपालसिंह मुंदेड़ी, नारायण छाजुखेड़ा, गोपाल शर्मा, मोहम्मद हुसैन गरोड़ा, मोहनसिंह तालाब पिपलिया सहित बड़ी संख्या में अफीम काश्तकार उपस्थित थे।