अमानक तथा क्लिनीकल परीक्षण कराये बिना जीवन रक्षक दवाओं की बिक्री का खेल राजनैतिक सरक्षण की चलते चलाया जा रहा

5:44 pm or August 6, 2022

आनंद ताम्रकार

बालाघाट ६ अगस्त ;अभी तक;  जिले में औषधी व्यापार की आड़ में अमानक तथा क्लिनीकल परीक्षण कराये बिना जीवन रक्षक दवाओं की बिक्री का खेल राजनैतिक सरक्षण की चलते चलाया जा रहा है। इन विसंगतियों के चलते मार्केटिंग के नाम पर ऐसी कंपनीयों की दवायें निजी अस्पतालों के डाक्टरों की पर्चीयों पर बेची जा रही है और कई गुना दाम वसूले जा रहे है। मौत के सौदागारों का यह खेल मरीजों और उनके परिवारजनों पर भारी पड़ रहा है।

             ऐसा ही एक मामला जिला प्रशासन के संज्ञान लाया गया अखबारों के माध्यम से समाचार प्रकाशित किये गये।  प्रकाषित समाचारों की सच्चाई से बौखलाकर संबंधित समाचार पत्रों को मानहानि होने संबंधित कानूनी नोटिस भी दिये गये। समाचार पत्रों पर इस संबंध में खबर ना छापी जाये इसके लिये दबाव बनाया गया लेकिन अखबारों में मौत के सौदागारों के असलियत को उजागर करने में कोई कसर नहीं रखी।

               नतीजतन कलेक्टर डाक्टर श्री गिरीश मिश्रा के आदेश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मनोज पांडे के निर्देशन में खादय एवं औषधि प्रशासन विभाग की औषधि निरीक्षक श्रीमति मनीषा धुर्वे और उनकी टीम ने वारासिवनी स्थित एक मेडिकल स्टोर्स में छापा मार कार्यवाही की गई।  इस कार्यवाही के दौरान 2 मेडिकल स्टोर्स को 30 हजार रूपये की मिसब्रांडेड दवाइयां जब्त की गई।

               औषधि निरीक्षक श्रीमती धुर्वे ने बताया की मेसर्स शिको फार्मा वार्ड नं.3 पीडब्ल्यूडी ऑफिस के सामने वारासिवनी एवं कृष्णा मेडिकल एवं जनरल स्टोर्स वार्ड नं.3 वारासिवनी की जांच किये जाने पर  मिसब्रांडेड ड्रग्स का स्टाक एवं दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। प्रकरण में विवेचना की जा रही है।

              यह उल्लेखनीय है की शिको फार्मा पीडब्ल्यूडी ऑफिस के सामने वार्ड नं.3 की जांच करने पर जो औषधियां जप्त की गई उनमें शिकों फार्मा प्लाट नं.55 वल्लभव भाई पटेल वार्ड सम्राट नगर 481331 का उल्लेख किया गया है। इस नाम का पता जो दर्शाया गया वह पूर्णता फर्जी है।

               वास्तविकता यह है की शिको फार्मा के नाम से जो औषधि लाइसेंस जारी हुआ है जिसकी वैधता अवधि 20/09/2020 से 23/09/2025 की उल्लेखित है जो पता दर्शाया गया शाप नंबर/प्लाट नं.01 वार्ड नं.03 दिनदयाल चौक पीडब्ल्यूडी ऑफिस के सामने वारासिवनी जिला बालाघाट 481331 उल्लेखित है औषधी लाइसेंस में शिको फार्मा के प्रोप्राइटर समीर बिसेन पुत्र योगेंद्र सिंह बिसेन के नाम उल्लेखित है।

इस प्रकार शिको फार्मा के फर्जी पते का उल्लेख करते हुए दवाईयों की मार्केटिंग किस आधार पर की जा रही है जिस पते का उल्लेख दवाईयों की पैकिंग पर दर्शाया गया है  उसके नाम पर ड्रग लाइसेंस क्यों नही लिया गया। इस फर्जी कंपनी के नाम पर समीर बिसेन के द्वारा लगभग 35 से 40 दवाइयां बेची गई जिनमें जीवन रक्षक दवाइयां भी शामिल है। जो दवाईयां बेची जा रही थी उनकी क्लिनीकल रिपोर्ट का अतापता नही है।

इस तरह का फर्जीवाडा विगत कई वर्शों से समीर बिसेन के द्वारा किया जाकर जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ा किया गया है। इतना ही नही इन दवाईयां के अनापसनाप दाम दवाईयों की पैकिंग पर अंकित कर भारी मुनाफा कमाया गया। समीर बिसेन के द्वारा इस तरह का कारोबार जिले के सीमावर्ती प्रदेश में भी फैला हुआ है। समीर बिसेन को राजनेताओं का खुला संरक्षण मिला हुआ है। वह भाजपा जिम्मेदार पदाधिकारी भी है। इसके कारण ही अब तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी,औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने आज तक  उसके यहां कोई जांच ही नहीं की। इसके चलते समीर बिसेन ने फर्जी दवाओं का करोडों रुपये का व्यापार किया है।

जानकारी मिली है की समीर बिसेन ने कोरोना काल में फर्जी दवाओं की सप्लाई भी की है। कृष्णा मेडिकल वारासिवनी के नाम पर बिल क्रमांक सीए 0000398/17.5.2021 को 8500 रूपये तथा बिल क्रमांक सीए 0000399/17.5.2021 को 84000 हजार रूपये का बिल प्रस्तुत कर कलेक्टर बालाघाट से भुगतान प्राप्त किया कोरोनाकाल में कृष्णा मेडिकल द्वारा और कितने बिल जमा किये कितना भुगतान प्राप्त किया कौन कौन सी दवायें सप्लाई की गई इसकी जांच सुक्ष्मता से की जाये तो बहुत बड़ा मामला उजागर होगा।

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