अमानक धान बीजों की धड़ल्ले से बिक्री

7:24 pm or June 24, 2022

आनंद ताम्रकार

बालाघाट २४ जून ;अभी तक; बालाघाट जिला मध्य प्रदेश का प्रमुख धान उत्पादक जिला है यहां लगभग 12 से 15 लाख मेट्रिक टन धान की पैदावार ली जाती है। इसी वजह से जिले में धान बीज की व्यापक मात्रा में आवश्यकता होती है जिसकी प्रतिपूर्ति स्थानीय स्तर पर बनी बीज उत्पादक सहकारी समितियों तथा महाराष्ट्र हैदराबाद आंध्र प्रदेश की बीज उत्पादक कंपनियों के द्वारा धान बीज आपूर्ति की जाती है।

                 धान बीज की भारी मांग के चलते बालाघाट जिला धान बीज उत्पादक कंपनीयों के लिये विशाल हब बना हुआ है जहां नामीगिरामी कंपनीयों के साथ साथ फर्जी कंपनीयों के द्वारा भी आकर्षक लेबल,बैग में मुद्रित कर लुभावने स्लोगन के माध्यम से दुकानदारों को बिक्री कर रहे है जिसे स्थानीय दुकानदार किराना दुकान में रेडिमेड कपड़ा दुकान, जनरल स्टोर्स में धान बीज खुलेआम बेचा जा रहा है।

                   अधिकारिकसूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार धान बीज की पैकिंग पर प्रमाणिकरण के 2 लेबिल स्त्रोत प्रमाण पत्र सोर्स सर्टीफिकेट बीज की अंकूरण क्षमता पीसी की वैधता अवधि तथा बीज की एक्सपायरी डेट का उल्लेख किया जाना अनिवार्य है। लेकिन जिले में कृषि केन्द्रों में जो धान बीज बेचे जा रहे है उनमें उल्लेखित आवश्यक जानकारी प्रदर्षित नही की गई।ज्यादातार कंपनियों के धान बीज में ये उल्लेख होना चाहिये के उन्हें किन किन प्रदेश में धान बीज बेचने की अनुमति प्राप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बालाघाट जिले में ज्यादातर कंपनियों के धान बीज बेचने की अनुमति मध्यप्रदेश शासन से नही है। इसके बावजूद अमानक स्तर के धान बीज शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गैर लाइसेंसी तथा लाइसेंसधारियों द्वारा खुलेआम बेचा जा रहा है।

यह उल्लेखनीय है इस वर्ष पंचायत तथा नगरीय निकाय के चुनाव कार्यक्रम जिला प्रशासन व्यस्त है जिसके कारण धान बीज विक्रेताओं के यहां जांच नही की जा रही है ना ही बेचे जाने वाले धान बीजों के नमूने जांच के लिये एकत्र किये जा रहे है।
यह भी उल्लेखनीय है की बालाघाट जिले में काली मूछ नामक धान की पैदावार नाम मात्र के लिये ली जाती है लेकिन रायसिंग सन सीड्स तथा यशोदा सीडस कंपनी द्वारा काली मूंछ नामक धान बीज बिक्री किया जा रहा है।

कृषि विभाग के एक अधिकारी ने अवगत कराया की बालाघाट जिले की जलवायु काली मूंछ धान की पैदावार के लिये अनुकूल नही है इस लिये जिले का किसान काली मूंछ धान के पैदावार के लिये रुचि नहीं रखता इसके बावजूद जिले में काली मूंछ धान बेचकर कंपनीयां किसानों को गुमराह करने में लगी है।

बालाघाट जिले में विगत वर्षों में यशोदा सीडस तथा केशव खनक सीड्स कंपनी के बीज अमानक पाये गये तथा उनकी बिक्री जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित कर दी गई थी इसके बावजूद कृषि विभाग के आला अफसरों ने बीज निर्माता कंपनियों से सांठगांठ कर उन्हें पून जिले में धान बीच बेचने की अनुमति दे दी जिसकी आड में अमानक स्तर का धान बीच धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।

जिले के प्रमुख धान बीज विक्रेताओं के यहां जांच और धान बीजों की सैम्पलिंग करने की बजाय छोटे विक्रेताओं के यहां जांच कर कागजी खानापूर्ति जिले का कृषि विभाग लगा हुआ है।

लालबर्रा स्थित प्रमुख कृषि केन्द्र प्रोप्राइटर ने एक अखबार के प्रतिनिधि से चर्चा में अवगत कराया की जिले के कृषि केन्द्र संचालकों द्वारा विभाग के अधिकारियों को तयशुदा चढौत्तरी दी जाती है जिसके चलते जिले में विभिन्न कंपनीयां अमानक स्तर के धान बीज धड़ल्ले से बेच रही है।