अमानत में खयानत मामले में बैंक के तत्कालीन हेड कैशियर सहित दो को पांच साल की कैद

संतोष मालवीय
भोपाल १२ नवंबर ;अभी तक;  अमानत में खयानत मामले में इलाहाबाद बैंक के तत्कालीन हेड कैशियर देवाशीष बैनर्जी को शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार सूर्यवंशी की अदालत ने भादस की धारा 409 के आरोप में दोषी ठहराते हुए पांच साल की कैद के साथ 16 लाख 78 हजार 400 रुपये के जुर्माने से दण्डित किया है। वही सह आरोपी मोहम्मद असलम कुरैशी को धारा 409, 120बी के आरोप में पांच साल की कैद के साथ पांच हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया है। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक अधिकारी सैय्यद रियाज कुरैशी ने पैरवी की।
                           अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला थाना टीटी नगर स्थित माता मंदिर के हर्षवर्धन नगर के इलाहाबाद बैंक का हैं। उक्त बैंक में मिसरोद निवासी आरोपी देवाशीष बैनर्जी हेड कैशियर के पद पर पदस्थ था। 16 सितम्बर 2008 को बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक संजीव कुमार वर्मा ने आरोपी से उस दिन केस गिनने को कहा तो वह आनाकानी करने लगा था। जब श्री वर्मा ने  सख्ती दिखाई तो वह जैसे तैसे केस गिनने को तैयार हुआ। जब उसने केस की गिनती की तो उस दिन की क्लोजिंग बैलेंस शीट 33 लाख 78 हजार 400 रुपये में से 16 लाख 400 रुपये की राशि कम पाई गई थी। जब उससे उक्त कम पाई गई राशि के विषय में पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर बताया कि उक्त रुपये उसने अपने जिंसी चौराहा, जेल बाग रोड़ निवासी साथी मोहम्मद असलम कुरैशी व शाहिद बैग को देना बताया। उसके बाद श्री वर्मा ने आरोपी के खिलाफ थाना टीटी नगर में आवेदन पत्र देकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस के आरोपियों के खिलाफ भादस की धारा 409,120बी के तहत मामला कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और विवेचना बाद चालान 7 सितम्बर 2009 को अदालत में चालान पेश किया था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान आरोपी शाहिद बेग की मृत्यु हो गई थी