अवयस्क बालिका का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर / तराना २५ नवंबर ;अभी तक;  न्यायालय श्रीमान एस.सी.पाल, अपर सत्र न्यायाधीश महोदय, तहसील तराना जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी महेश पिता प्रकाशचन्द्र, निवासी-उज्जैन को धारा 5(एल) सहपठित धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 363 भादवि में आरोपी को 07 वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा 366(ए) भादवि में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 2,000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने अभियोजन घटना अनुसार बताया कि, घटना इस प्रकार है कि, पीड़िता के पिता फरियादी ने पुलिस थाने पर उपस्थित होकर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि मैं दिनांक 03.06.2019 को सुबह करीब 07ः00 बजे अपनी पत्नि के साथ खेत गया था। शाम करीब 07ः30 बजे घर वापस आया तो मेरी छोटी लड़की (पीड़िता) घर पर नही दिखी तो मैंनें बड़ी लड़की से पीड़िता के बारे में पूछा तो उसने बताया कि शाम करीब 07ः00 बजे वह खाना बनाने किचिन में गई थी, फिर कहॉ चली गई मुझे नही मालूम, मैंने पीड़िता की गॉव व रिश्तेदारी में तलाश कि, लेकिन कोई पता नहीं चला। मुझे शंका है कि कोई अज्ञात व्यक्ति मेरी छोटी लड़की को बहला फुसलाकर कही ले गया है। फरियादी कि रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध किया था। पीड़िता को दस्तयाब किया गया आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता द्वारा कथन में बताया कि आरोपी उसे किडनैप करके ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस द्वारा अनुसंधान पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी को दण्डित किया गया।
नोटः- पीड़िता प्रतिपरीक्षण में पक्षद्रोही हो गई थी, जिस पर अभियोजन अधिकारी द्वारा पीड़िता को पुनः आहूत करवाकर न्यायालय में कथन करवाये थे।
दण्ड का प्रश्न:- अभियुक्त द्वारा निवेदन किया गया है कि यह मेरा प्रथम अपराध है इसलिये न्यूनतम सजा देने का निवेदन किया गया। अभियोजन अधिकारी द्वारा कठोर दण्ड देने का निवेदन किय गया।
न्यायालय की टिप्पणीः- महिलाआंे के विरूद्ध अपराध सामान्य अपराध की तरफ नही होते है बल्कि सामाजिक अपराध होते है व सम्पूर्ण समाज को प्रभावित करते है, इस अवस्था में अभियुक्त उदारता पाने का अधिकारी नही है।
प्रकरण में उप-सचंालक (अभियोजन) डॉ0 साकेत व्यास द्वारा पैरवीकर्ता को मार्गदर्शन दिया गया प्रकरण में पैरवी श्री विशाल गुप्ता, अपर लोक अभियोजक, तहसील तराना जिला उज्जैन द्वारा की गई।

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