अवैध रूप से हथियारों को रखने वाले 05 आरोपीगण को न्यायालय ने सुनाई सजा

7:16 pm or November 15, 2022
विधिक संवाददाता
भिंड १५ नवंबर ;अभी तक; जेएमएफसी न्यायालय मेंहगॉव जिला-भिण्ड (म0प्र0) ने अवैध रूप से हथियारों को रखने वाले 05 आरोपीगण को सुनाई सजा।
                       प्रकरण का संचालन जिला अभियोजन अधिकारी श्री अरविंद श्रीवास्तव के निर्देशन मैं सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी योगेश गर्ग तहसील मेहगांव के द्वारा पैरवी की गई |
                         घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि थाना प्रभारी थाना गोरमी टीआई को मुखवीर द्वारा सूचना मिली की थाने का एनएसए का वारंटी डरू तिवारी कार में बैठकर कही जा रहा है। उक्त- सूचना पर से थाना प्रभारी मय हमराय फोर्स के रवाना होकर बहैरा मार्ग पर पहुंचे बहैरा की तरफ से एक पोले कार सफेद रंग की आती दिखी रोकर चारों तरफ से घेरकर कार के अंदर झांक कर देखा कार में बैठे व्यक्ति जिसमें कार की पीछे की सीट पर डरू उर्फ हरओम तिवारी बैठा था के हाथ में एक 315 बोर की बंदुक हाफ बट थी जिसको बाहर निकालकर चैक किया जिसकी चैम्बर पर 92एबी 0752 अंकित है हथियार के संबंध में लायसेंस चाहा गया तो न होना बताया। ड्रायवर के बगल वाली सीट पर बैठे व्यक्ति से नाम पूछा तो रन्नूा उर्फ रंजीत होना बताया जिसके हाथ में 306 बोर बंदूक जिसके चैम्बर में 04 राउण्ड लगे है। जिस पर 11347 अंकित है। जिसे बाहर निकाल कर हथियार के संबंध में वैध लायसेंस चाहा गया तो न होना बताया एवं ड्रायवर की सीट पर बैठै अरविंद पुत्र वीरेन्द्रे शर्मा एक रिवाल्वर 32 बोर जिसमें 06 राउण्ड लगे एवं रिवाल्बर पर एम7724 अंकित है एवं पेंट की दाहिनी जेब से तीन 315 बोर के एवं 02 32 बोर के कारतूस मिले। जिसे बाहर निकाल कर हथियार एवं राउण्ड के संबंध में वैध लायसेंस चाहा गया तो रिवाल्वेर का लायसेंस कलेक्ट्रेट मे जमा होना बताया अन्य राउण्ड के संबंध में लायसेंस न होना बातया।
                          मौके पर समक्ष उपरोक्त पंचान विधिवत जप्त कर जप्ती पंचनामा तैयार किया गया गया। आरोपीगणों का उक्त कृत्य  25,27 आर्म्स् एक्ट का होने से आरोपीगणों को गिरफ्तार कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया। दौराने विवेचना आरोपी रंजीत उर्फ रन्नू से जप्तशुदा 306 बोर बंदूक का लायसेंस बृजमोहन पुत्र वासुदेव शर्मा का होना पाया गया तथा डरू उर्फ हरिओम तिवारी से जप्तशुदा 315 बोर बंदूक का लायसेंस रामनिवास पुत्र राधाचरण व्यास के नाम का होना पाया गया। विवेचना उपरांत धारा 29,30 आयुध अधिनियम का ईजाफा कर अभियुक्तगण के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्याायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी योगेश गर्ग द्वारा की गई। जिसमें सहयोग भरत शाक्य, सहायक ग्रेड-03 व आर0 1262 प्रशांत भारद्वाज द्वारा किया गया। अभियोजन की तर्कों से सहमत होकर माननीय न्याययालय द्वारा विचारण पश्चातत आरोपीगण डरू उर्फ हरिओम, रंजीत उर्फ रन्नू एवं अरविंद को धारा 25 (1-ख)(क) आयुध अधिनियम में 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास व रूपये 1000-1000/- के अर्थदण्डश व  आरोपी बृजमोहन व रामनिवास को धारा 29 बी आयुध अधिनियम में 01-01 वर्ष का सश्रम कारावास व रूपये 1000-1000/- के अर्थदण्ड से दिनांक 14/11/2022 को दण्डित किया गया।