अवैध रेत के डंपर बन रहे हादसे का कारण, प्रशासन बना मूक दर्शक

रवि शर्मा
भिंड २४ जून ;अभी तक;  जिला प्रसासन भले ही जनता को गुमराह कर बाह बाही लूटने का काम कर रहा हो लेकिन शहर के रसूखदार आज भी रेत की चपेट से वंचित नही है । आये दिन रात बेलगाम दौड़ते डंपर ट्रक ट्रेक्टर किसी न किसी के परिवार का दीपक बुझा देते है और समाज के बहि लुटेरे शोक संवेदना ब्यक्त करने शोकाकुल परिवार में पहुच कर सेल्फी ओर झूठा दिखावा करने पहुच जाते है ।
एक ब्यक्ति की मौत का तमाशा सभी देख रहे है ।इसका जिम्मेदार कौन है और कौन इसका संरक्षण दाता है ।किसी को नहीलेकिन पता । समाज के ही युबाओ को गुमराह कर सरे आम रेत की अवैध बसूली करने में समाज के ही रक्षक भचक बनकर मलाई खाने का काम कर रहे है और स्वयं सफेद चादर को ओढ़ कर बेदाग बनने का समाज के सामने नाटक करने लगते है । और समाज भी उनकी मंद मुस्कान जी हुजूरी से प्रसन्न हो जाता है ।असल दर्द जब होता है जब अपने की किसी हादसे में मौत हो जाये या गंभीर हादसा हो जाये तब सारे भृष्ट सिस्टम को उखाड़ फेंकने का भरोसा दिखाया जाता है ।लेकिन उस भरोसे पर कुछ भी कामयावी नही मिलती ।
             नेशनल हाइवे 92 के समीप खुले जगह जगह टोल नाका धर्मकांटा जिनके पास लगे अबैध रेत के डंप का नंगा नाच देख कर आँख भर आती है और दिल से अजीब सी भगवान के लिए प्राथना निकलती है ।की आज मेरा बेटा या मेरे पिता या परिवार का कोई भी सख्श बाहर गया है ।सुरक्षित लॉट कर घर वापिस जरूर आ जाये वरना पता नही किस डंपर चालक या ट्रक चालक या ट्रेक्टर चालक की टक्कर का शिकार न हो जाये ।पॉवर मेक कम्पनी भले ही रॉयल्टी की रसीद से बाहनों को बाहर आने जाने के लिए परमीशन दे रही हो लेकिन ओवर लोड रेत को निकालने के लिए कोई भी नियम नही बना पाई है ।आज भी भारौली लहार फूप मेहँगावके मुख्य रास्ते पर रेत बजरी बीच सड़क पर पड़ी हुई देखी जा सकती है और आम ब्यक्ति को मौत की आगोश में लेने का बेसब्री से इंतजार भी कर रही है जिसका जीता जागता उदाहरण भिण्ड जिले के अंदर 5 सालों से बुझे पड़े हुए परिवार के दीपक है जिनको मुआवजे के नाम पर मात्र औपचारिकता पूरी कर खाली स्थान की पूर्ति ही की गई है ।आज यह सब लिखने पर विवश तब होना पड़ा जब जिला प्रसासन कुम्भ करण की नींद में है और आज अपनो को मौत और जिंदगी से जूझता देखा गया तो रहा न गया फूप के पास ग्राम कनकुरा के समीप लगा रेत का डंप सड़क किनारे जब हादसे का कारण बना तब पता चला की रेत सड़क किनारे पड़ा होना कितना दुखदाई होता है ।
21।06।21।की दरम्यानी रात्रि को आज्ञात डंपर चालक की लापरवाही के कारण लाइट अधिक तेज कर आँख पर पड़ जाने के कारण बुलट का बैलेंस बिगड़ा ओर सड़क पर बिखरी पड़ी रेत के कंक्रीट से बुलट गाड़ी का संतुलन विगड़ने से युबा के गंभीर चोट आई है । *घायल हुए युबा का नाम राम चतुर्वेदी पिता स्वर्गीय ऋषि चतुर्वेदी उम्र 24 वर्ष निवासी वीरेंद्र नगर नगर पालिका के सामने का रहने बाला बताया गया* है ,यूबक को काफी गंभीर चोट आई है जिंसको ग्वालियर रेफर कर दिया गया है,यूबक समाज में रहकर पत्रकारिता का कार्य किया करता है जो आज जिला प्रसासन की अनदेखी के कारण दर्दनाक हादसे से जूझ रहा है