अस्थाई टीन शेड लगाकर किया अंतिम संस्कार

भिंड से डॉक्टर रवि शर्मा

भिंड १७ सितम्बर ;अभी तक; भिंड जिले के दमोह कस्बे के अलावा गांव स्तर पर मुक्तिधाम बनाने के लिए सरकार ने करोडो रुपए पानी की तरह बहा दिए लेकिन मुक्तिधाम के नाम से जो करोड़ों रुपए का आए हैं मुक्तिधाम के लिए नहीं सिर्फ कागजों पर खर्च कर दिए गए । श्मशान घाट मुक्तिधाम मे निर्माण के नाम पर भी भ्रष्टाचार की जड़े खत्म नहीं हो रही ऐसे में गांव ग्रामीण इलाकों में श्मशान घाट की जगह वह खुले  खेतों में दाह संस्कार कर रहे हैं  कई जगह भरा पानी बिना शेड के मुक्तिधाम में दाह संस्कार सड़क के किनारे जमीन पर अस्थाई तौर पर बरसात के मौसम में किया जा रहा है मजबूरन और इधर श्मशान घाट के निर्माण के नाम पर सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार देखा जा रहा है जिसका खामियाजा आमजन को परेशान होकर चुकाना पड़ रहा है 16 सितम्बर  को ग्राम भरथरा गांव में एक बुजुर्ग वृद्धो महिला की मौत पर उनके अंतिम संस्कार के लिए 1 घंटे की मशक्कत कर खुद अस्थाई टीन शेड लगाकर  दाह संस्कार बारिश में करना पड़ा 80 वर्षीय रामकिशन कुशवाहा की पत्नी मुरा देवी का निधन हो जाने पर परिजन तथा ग्रामीण जब सब लेकर मुक्तिधाम पहुंचे तो वहां मैदान के अलावा कुछ नहीं था ऊपर से बरसात थमने का नाम नहीं ले रही थी लिहाजा लोगों ने गांव से टीम के चार रे मना कर खुद की लकड़ी के खंभे के सहारे लगा है और उसे के बाद दाह संस्कार किया गया हैरत की बात यह है कि 10 अक्टूबर 2020 को सामाजिक कार्यकर्ता अवध किशोर कौरव द्वारा गांव के मुक्तिधाम के लिए ग्राम पंचायत सरपंच जगत सिंह अहिरवार को जमीन दान स्वरूप हैंडोवर कर दी गई थी ग्राम पंचायत स्तर पर उक्त जमीन पर तीन सेट तक नहीं डलवाया जा सका है