अहिंसा यात्रा की तैयारी, अनुशासन के साथ आचार्य महाश्रमण जी की अगवानी करेगा रतलाम

अरुण त्रिपाठी
रतलाम,13 जून ;अभी तक;  आचार्य महाश्रमण जी के सानिध्य में निकली 50 हजार किलोमीटर लम्बी अहिंसा पदयात्रा का 22 जून को रतलाम आगमन होगा| रतलाम तेरापंथ धर्मसंघ इसकी तैयारियों में जुटा है| धर्मसंघ को  मंगल प्रवेश व गुरु दर्शन की आतुरता और मन की व्याकुलता के मध्य अपनी अनुशासित पहचान को नवीन आयाम देना है। रतलाम में पूरे अनुशासन के साथ आचार्य श्री एवं अहिंसा यात्रा की अगवानी की जाएगी|
                  तेरापंथ धर्म सभा रतलाम के अध्यक्ष अशोक दख ने बताया कि तेरापंथ धर्म संघ के लिए यह ऐतिहासिक अवसर है। आचार्य प्रवर 22 से 24 जून तक रतलाम में प्रवास करेंगे। इस दौरान सार्वजनिक कार्यक्रम सिर्फ अहिंसा यात्रा का प्रवेश रहेगा। समाजजन इस यात्रा की अगवानी पूर्ण प्रोटोकॉल के साथ करेंगे। यात्रा के आगे और पीछे की तरफ सीमित संख्या में उपस्थित रहेंगे।  अपनी भावनाओं को  अभिव्यक्त करने के लिए यात्रा मार्ग के दोनों तरफ निर्धारित दूरी एवं संख्या में खड़े रहकर अपने गुरु का अभिवंदन करेंगे।  22 जून को प्रातः आचार्य महाश्रमण जी के सानिध्य में मंगल प्रवेश कर रही इस यात्रा का रतलाम कार्यक्रम निश्चित ही एक नया सन्देश देगा।
               उन्होंने बताया कि रतलाम तेरापंथ धर्मसंघ के अनुयायी अनुशासन के संकल्प के साथ अंहिसा यात्रा की अगवानी में जुटे हुए है। वर्तमान में आचार्य प्रवर धार-झाबुआ जिले में विहार एवं प्रवासरत है| अहिंसा यात्रा में पचास हज़ार किलोमीटर से अधिक पैदल यात्रा  करते हुए आचार्य महाश्रमण 21 जून को धराड़ पहुंचेंगे| 22 जून को प्रातः रतलाम में मंगल प्रवेश करेंगे।प्रवेश की तारीख जैसे-जैसे  नजदीक आ रही है, स्वागत वंदन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्री दख ने सभी शहर वासियो से आचार्य प्रवर के आगमन अवसर को अनुशासन की मिसाल बनाने का आव्हान किया है| समाजजन इसके लिए संकल्पित है।