अ.भा. साहित्य परिषद की सरस काव्य गोष्ठी सम्पन्न

6:03 pm or November 11, 2022
महावीर अग्रवाल 
मन्दसौर ११ नवंबर ;अभी तक;  अखिल भारतीय साहित्य परिषद मंदसौर की सरस काव्य गोष्ठी संगीत महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष नरेन्द्र त्रिवेदी की अध्यक्षता में मेडी पाईंट गोल  चौराहा पर कवि नरेन्द्र भावसार, नंदकिशोर राठौर, कवि सुरेन्द्र शर्मा, हरिओम बड़सोलिया, अभय मेहता, अजय डांगी व श्रीमती चंदा डांगी के सानिध्य में सम्पन्न हुई।
                                                     इस अवसर पर सरस्वती वंदना किशोर दीप ने प्रस्तुत की। पश्चात गीतकार अभय मेहता ने ‘‘गीतों का मेरे जनम न होता, दर्द प्यार का गर मिला न होता’’ और ‘‘रंगीन नजारे कहते हैं सारे, घूमकर सात फेरे, हो गये तुम पराये’’ गीता गाकर माहौल रंगीन कर दिया तो नन्दकिशोर राठौर ने दिल्ली के छावला क्षेत्र की बेटी के साथ दुष्कर्म एवं हत्या के आरोपियों को बरी कर दिये जाने से पीड़ित परिवार एवं आम व्यक्ति की पीड़ा को जाहिर करते हुए ‘‘पीड़ितों की पीड़ा की इंतेहा कहीं तो होनी चाहिये, न्याय होना ही नहीं होते हुए दिखना भी चाहिये’’ कविता सुनाई।
                        अजय डांगी ने ‘‘हमने ये सदी भी देखी, वो सदी भी देखी, असीमित सुविधाओं के बावजूद रिश्तों में नमी  देखी’’ सुनाकर रिश्तों की अहमियत का प्रतिपादन किया। हरिओम बड़सोलिया ने ‘‘वन धरती के वस्त्र है यारों, इनको तो न उजाड़ो रे‘‘ सुनाकर कोरोना काल में ऑक्सीजन की मारा मारी फिर नहीं झेलना पड़े इस बात को वृक्षारोपण से जोड़कर समझाया। कवि सुरेन्द्र शर्मा ‘पहलवान’ ने मुक्तकों की झड़ी के साथ गीत ‘‘होकर मायुस  न शाम की तरह ढलिये’’ सुनाया। चंदा डांगी ने जीवन में आपाधापी में बदलाव करके असमय बुढ़ापे की ओर कदम रोकने के लिये कविता ‘‘दहलीज पे बुढ़ापे की कुछ होने लगे बदलाव, असमय ही शरीर कुछकुछ देने लगा जवाब सुनाई’’।
                    कवि नरेन्द्र भावसार ने पति-पत्नी के सहज चुलबुलेपन को रेखांकित करते हुए गीत ‘‘नया नया है प्यार नई नई तकरार, इठलाकर वो बोली सजना ले चल तू बाजार’’ सुनाया।  नरेन्द्र त्रिवेदी ने अपने सुरीले अंदाज में ‘‘मन दे दिया न समझी, कैसे मन बसिया से बात कहूॅ’’ सुनाकर शकुंतला की मानसिकता का चित्रण किया और मुक्तक ‘‘ मुरझाए कोई फूल तो गुलदान रो पड़े, मर जाय कोई शख्स शमशान में रो पड़े‘‘ सुनाकर इंसान के वजूद की तासीर का एहसास कराया।
               कार्यक्रम का संचालन नारायण भावसार ने किया तो आभार सचिव नदंकिशोर राठौर ने माना।