आईपीएल मैच में सट्टा खिलाने वाला अरोपी विनय जडिया गिरप्तार  

7:57 pm or May 1, 2022

पन्ना संवाददाता

पन्ना एक मई ;अभी तक;   पुलिस अधीक्षक पन्ना   धर्मराज मीना द्वारा पन्ना जिले के समस्त थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में आईपीएल सट्टा खिलाने वाले आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए है। पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए पन्ना जिले के समस्त थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में अपने मुखबिर तंत्र एवं सायबर सेल पन्ना को सक्रिय करते हुए आईपीएल सट्टा खिलाने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी एकत्रित की गई।

 

थाना प्रभारी अजयगढ को मुखविर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि की छोटा बस स्टैंड अजयगढ़ में 01 व्यक्ति रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु विरुद्ध गुजरात टाइटंस के बीच चल रहे आईपीएल क्रिकेट मैच में मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन हार जीत की बाजी लगाकर आईपीएल सट्टा खिलवा रहा है । थाना प्रभारी द्वारा उक्त सूचना के बारे में तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। पुलिस अधीक्षक पन्ना श्री धर्मराज मीना द्वारा सूचना की तस्दीक कराकर तत्काल कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया । जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती आरती सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अजयगढ़ निरीक्षक हरिसिहं ठाकुर के नेतृत्व में टीम गठित की गई । जिसमे पुलिस टीम सायबर सेल पन्ना द्वारा प्राप्त जानकारी एवं मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर जाकर देखा तो एक संदिग्ध व्यक्ति छोटे बस स्टेंड अजयगढ मे बैठा दिखा जिसे पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर पुलिस अभिरक्षा में लिया जाकर पूछताछ की जिसके द्वारा अपना नाम विनय जडिया     बताया गया ।

साथ ही आईपीएल सट्टा खिलाने की बात को स्वीकार किया गया और बताया कि आईपीएल सट्टा खिलाने के लिए उसके पास एजेंट आईडी है। इसमें क्लाइंट आईडी बनाकर क्लाइंटो को जोड़कर अपनी एजेंट आईडी से रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु विरुद्ध गुजरात टाईटन्स के बीच चल रहे आई.पी.एल. क्रिकेट मैच मे हार-जीत का दांव लगाकर सट्टा खिलवा रहा था। पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त का मोबाइल चेक करने पर उसके पास एजेंट आई.डी. में 13,07,583(तेरह लाख सात हजार पांच सौ तेरासी) वर्चुअल क्वाइन मिले। साथ ही आरोपी के कब्जे से नगद  4500 रूपये  01 मोबाइल कीमती करीब 15 हजार रूपये एवं 1307583 वर्चुअल क्वाइन जप्त किया जाकर आरोपी के विरुद्ध सट्टा अधिनियम के तहत अपराध कायम किया जाकर विवेचना में लिया गया ।