आईपीएस अधिकारियों को दिया जाये सिलेक्शन ग्रेड का लाभ ; कैट का आदेष

सिद्धार्थ पांडेय
 जबलपुर ११ नवंबर ;अभी तक; प्रदेष कैडर के पांच आईपीएस अधिकारियों को केन्द्रीय प्रषासनिक न्यायाधिकरण से राहत मिली है। कैट के न्यायाधिष सदस्य आर सी ठाकुर व सदस्य नैनी जयसैलन की युगलपीठ ने पांचों आईपीएस अधिकारियों को 1 जनवरी 2008 से सिलेक्शन  ग्रेड का लाभ दिये जाने के आदेष जारी किये है।
                 मध्य प्रदेष कैडर 1995 के आईपीएस अधिकारी जयदीप प्रसाद,चंचल षेखर, मिनाक्षी षर्मा,योगेष देषमुख तथा वेंकटेष्वर राव की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि 13 साल की सर्विस पूर्ण करने पर आईपीएस अधिकारी को सेलेक्षन ग्रेड दिया जाता है। उन्हें सेलेक्टषन ग्रेड का लाभ 1 जनवरी 2010 में दिया गया। जबकि उन्हे सेलेक्टषन ग्रेड का लाभ 1 जनवरी 2008 से मिलना चाहिये था। इस संबंध में में उन्होने सरकार को अभ्यावेदन दिया था। सरकार ने देरी के लिए कोई कारण कर उल्लेखन नहीं करते हुए अभ्यावेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पद रिक्त नहीं थे।
                  इसके बाद के अधिकारियों को निर्धारित समय पर सिलेक्षन ग्रेड का लाभ दिया गया। जिसके कारण जूनियर अधिकारियों का वेतन उन्हें अधिक हो गया। निर्धारित समय में सिलेक्षन ग्रेड का लाभ नहीं मिलने के कारण उनकी पदोन्नति एडीजी पद नहीं हो रही है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेष हवाला देते हुए युगलपीठ को बताया गया कि सरकार की गलती का नुकसान लोक सेवक को नहीं होना चाहिए। सरकार की तरफ से तर्क दिया गया कि पद नहीं होने के कारण आईपीएस कैडर रिव्यू में देरी हुई थी। युगलपीठ ने सरकार के तर्क को दरकिनार करते हुए आवेदक आईपीएस अधिकारियों कों 1 जनवरी 2008 से सिलेक्षन ग्रेड का लाभ दिये जाने के निर्देष जारी किये है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता पंकज दुबे ने पैरवी की।

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