आकसीजन स्टाक का अधिग्रहत गोदाम अंग्निकांड में बाल  बाल बचा

मयंक शर्मा
खंडवा एक मई ;अभी तक;  शनिवार सुबह नगर के इंदौर नाका क्षेत्र स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में आग लगने के बावजूद  आक्सीजन गोदाम सुरक्षित है। करीब 4 फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है।  इसी ऑयल मिल में सरकारी ऑक्सीजन का स्टॉक किया गया है। महीने भर में दूसरी बार आगजनी को लेकर तहसीलदार प्रताप अगास्या ने कहा कि वे मामले में उच्च अधिकारियों से मजिस्ट्रियल जांच की मांग करेंगे।
                     कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए जीवनदायी कृत्रिम ऑक्सीजन का स्टॉक जिला प्रशासन ने इसी ऑयल मिल में कर रखा है।  ऑक्सीजन टैंकर को यहां रिफिल भी कराया जाता  है। हालांकि ऑक्सीजन प्लांट तक आग नहीं पहुंच सकीेे, ऑक्सीजन प्लांट मिल के पीछे वाले हिस्से में बनाया गया है।अधिग्रहण करके प्रशासन यहां कृत्रिम ऑक्सीजन का स्टॉक सग्रहित करता है।
                 अग्निकांड की घटना  साई कृपा एग्रो इंडस्ट्रीज की है। अग्निकांड में ,यहां तेल व कच्चे माल सहित कपास्या खल्ली को नुकसान पहुंचा है। पिठले माह की अग्निकांड के बाद दूूसरी बार फिर आगजनी को लेकर तहसीलदार प्रताप अगास्या ने बताया कि मामले में उच्च अधिकारियों से मजिस्ट्रियल जांच की मांग करेंगे।उन्न्होने कहा कि  खंडवा फ्रेश ऑयल का प्रोडक्शन और पैकेजिंग इसी सांई कृपा एग्रो इंडस्ट्रीज में की जाती  है। इससे पहले यहां मार्च के आखिरी सप्ताह के दौरान आग लगने की घटना हुई थी। फैक्ट्री मालिक ने करोड़ों का नुकसान होने की बात कही थी।  करीब 4 माह पहले जनवरी-फरवरी में यहां इनकम टैक्स की  छापा मार कार्रवाही भी जनचर्चा के केन्द्र में रही है।
                फैक्ट्री संचालक अनिल शामनानी ने बताया कि उनके शामनानी बंधुओं की मिल के नाम से ख्यात है। शनिवार की अग्निकांड की  घटना को लेकर उन्होने कहा कि आज तडके 4 बजे बाद आगजनी की खबर उन्हे मिली थी।  पहले दमकल  में ही आग पर काबू पा लिया था। मूंदी, पंधाना से भी दमकले आने से उपयोग कर आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। नुकसान का आंकडा अभी तय नहीं है। आंकलन के बाद की कुछ कह सके्रेंगे। आग अज्ञात कारणो से लगने की बात उन्होने कही।
                    श्री अगास्या ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन का स्टॉक जिला प्रशासन ने इसी ऑयल मिल के पीछे वाले हिस्से में कर रखा  है।इसके लिये मिल के एक हिस्से को प्रशासन ने पिछले माह में अधिग्रहित किया था। ऑक्सीजन टैंकर को यही ं रिफिल  कराया जा चुका है। उन्होने कहा कि गनीमत रही कि  ऑक्सीजन प्लांट तक आग नहीं पहुंच सकीेे,।
                   तहसीलदार श्री आगस्या ने  कहा कि एक ही फैक्ट्री में बार-बार आग लगने की घटना फैक्ट्री संचालक की लापरवाही को दर्शाता है। साथ ही आश्ंाका को बल देता है कि कहीं फैक्ट्री संचालक अपने निजी स्वार्थ के चलते तो ऐसा तो नहीं कर रहा है। उच्च अधिकारियों को स्थिति से  अवगत कराने के साथ आंशका के तथ्यो की  मजिस्ट्रियल जांच की मांग करेंगे।