आकोदड़ा मगरा माताजी का मंदिर हैं अतिप्राचीन एवं दिव्य चमत्कारी, असाध्य रोगो से मुक्ति का स्थल

5:47 pm or October 16, 2020
आकोदड़ा मगरा माताजी का मंदिर हैं अतिप्राचीन एवं दिव्य चमत्कारी  असाध्य रोगो से मुक्ति का स्थल
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १६ अक्टूबर ;अभी तक; मन्दसौर जिले की दलौदा तहसील से मात्र 12 किमी दूर स्थित कालिका माता (मगरा माताजी) मंदिर आकोदड़ा का एक अतिप्राचीन एवं चमत्कारी दिव्य मंदिर है जो हजारांे भक्तों की आस्था और विश्वास का केन्द्र हैं। 24 गांवों के बीच दिव्य मंदिर मगरे (पहाड़ी) पर स्थित व बसा होने के कारण यहां आसपास के दर्शनार्थी अपनी मन्नते मुरादे लेकर आते हैं। इस क्षेत्र पर माताजी की कृपा होने से प्राकृतिक आपदाओं का असर नहीं के बराबर होता हैं। यह क्षेत्र बैमोसम बरसात, औलावृष्टि, शीतलहर जैसी  प्राकृतिक आपदाओं से बचा हुआ क्षेत्र माना जाता हैं, मातारानी ने क्षेत्र के किसानों और भक्तों पर हमेशा आशीर्वाद बनाये रखा।
                           अतिप्राचीन मंदिर होने के कारण दूर दराज से लोग यहां दर्शन करने आते है। लकवा, मिर्गी, अंधत्व एवं अध्याय रोगों से ग्रसित मरीज यहां नियमित आते हैं और ठीक होकर घर जाते हैं। चार पहिये पर लाये गये मरीज माताजी के प्रभाव से (चमत्कार से) ठीक होकर घर पैदल जाते हैं। ऐसा चमत्कार यहां अक्सर देखने को मिलता है। नगण्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच इस दिव्य धरा से वर्ष 2018 में ग्यारह लाख ग्यारह हजार ग्यारह सौ ग्यारह दीपक जलाने का आयोजन लाखों लोगों की उपस्थिति में निर्विघ्न सम्पन्न होकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया।
                            ग्राम पंचायत एवं कालिका माता ट्रस्ट द्वारा प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्रि में 9 दिवसीय मैले का आयोजन किया जाता हैं। सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम के साथ-साथ विशाल निःशुल्क नेत्र एवं स्वास्थ्य शिविर का आायोजन भी किया जाता है। प्रति शनिवार और रविवार को भक्तों का ताता लगा रहता है। मंदिर समिति द्वारा शनिवार और रविवार को मरीजों को निःशुल्क चाय, पानी एवं भोजन कराया जाता हैं यहां पूरे सप्ताह रहने व खाने की व्यवस्था भी नाम मात्र के शुल्क 20 रू. में दी जाती है। शारदीय नवरात्री पर भी भक्त और मरीज दर्शन करने आते है। निश्चित रूप से यह मालवांचल का भादवामाता मंदिर के बाद दूसरा असाध्य रोगों को दूर करने वाला प्राचीन चमत्कारी दिव्य मंदिर हैं जो भक्तों की आस्था का केन्द्र बना हुआ है।

Related Articles

Post your comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *