आखिर प्रशासन  किशोर दा के जर्जर भवन को देखने पहुंचा, जन सहयोग से संवारा जाएगा किशोर दा का घर*

मयंक शर्मा
खंडवा ५ जून ;अभी तक; | देश और दुनिया में खंडवा का नाम रोशन करने वाले हरफनमौला कलाकार किशोर दा का बाम्बे बाजार स्थित पैतृक मकान जर्जर हो गया है। सबसे ज्यादा खस्ताहाल मकान का पिछला हिस्सा हुआ है। इसका छज्जा पहले ही गिर चुका है। ऊपरी मंजिल की हालत और अधिक खराब हो गई है। भवन के परिसर में प्रवेश करना भी खतरनाक हो गया है।  नगर निगम द्वारा कई बार नोटिस भी इस भवन पर चिपकाया गया लेकिन किशोर दा के परिजन के कानों में जूं तक नहीं रेंगती ।
                     जिस किशोर दा ने खंडवा से मुंबई तक का सफर इस ही घर से शुरू किया था आज यही गौरी कुंज गांगुली हाउस अपना अंतिम दौर से गुजर रहा है किशोर दा को चाहने वाले इस घर को मंदिर मानते हैं पूजते हैं पूजा करते हैं लगातार मीडिया और सोशल मीडिया में किशोर दा के जर्जर भवन को लेकर लगातार इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया में खबरें छप रही थी आखिर राज्य सरकार द्वारा अपने प्रतिनिधि के तौर पर खंडवा अनुविभागीय अधिकारी ममता खेड़े को किशोर दा के भवन पहुंची जहां उनके साथ किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच के पदाधिकारी गण रणवीर सिंह चावला और अन्य साथी गण मौजूद थे
                  ममता खेडे ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि इस भवन को जो कि जर्जर हो चुका है परिजनों से भी चर्चा करेंगे और नोटिस तो हर वर्ष दिया जाता है लेकिन जन सहयोग से इस भवन को संवारा जा सकता है इसमें जो समाज सेवी संस्थाएं आगे आकर सहयोग करेंगी उनका सहयोग लिया जाएगा इस भवन को अच्छे से अच्छा बनाया जाएगा सुरक्षा के तौर पर काफी जर्जर हो चुका है यह भवन पेड़ पौधे भी अधिक लग गए हैं उन्हें भी छटा जाएगा इस भवन को सवारने के लिए प्रयास किए जाएंगे वही बीजेपी प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि किशोर दा के जर्जर भवन को संवारने के लिए राज्य सरकार से भी अपील करेंगे और लगातार राज्य सरकार को किशोर दा के भवन को भव्य स्मारक बनाने के लिए हस्ताक्षर अभियान पोस्ट कार्ड अभियान सोशल मीडिया के माध्यम से फेसबुक व्हाट्सएप टि्वटर पर भी अभियान छेड़ा जाएगा
*इस भवन पर नजर डाले तो*
                       निगम के रिकार्ड में यह मकान कल्याण कुमार कुंजीलाल गांगुली (अमीत कुमार पिता स्व.किशोर कुमार व अन्य) के नाम से दर्ज है। शाम को बांबे बाजार मुख्य मार्ग स्थित है इस भवन की रखवाली चौकीदार सीताराम सावनेर  कर रहे हैंकिशोर दा के परिवार वालों का यहां आना-जाना नहीं है। किशोर कुमार का बचपन इस मकान में बीता। ये करीब सौ साल पुराना है। उनके पिता कुंजीलाल गांगुली ने इसे बनवाया था। 4 अगस्त 1929 को किशोर कुमार का जन्म यहीं हुआ था। किशोर दा का बचपन का नाम आभास गांगुली था। बचपन की शरारतें उन्होंने इसी मकान में की। इसलिए आखिरी तक उन्हें जन्मभूमि से विशेष लगाव रहा। शायद तभी वो कहते थे कि ‘दूध-जलेबी खाएंगे, खंडवा में बस जाएंगे।
                    मकान परिसर में करीब 11 दुकाने हैं। ये कोई 7600 वर्ग फीट में फैला है। दुकानों का किराया किशोर दा के छोटे भाई अनूप कुमार के बेटे अर्जुन कुमार को जाता है। ये मकान किशोर कुमार के पिता कुंजीलाल गांगुली के नाम पर है। अब वो इस दुनिया में नहीं है।
*किशोर दा के घर को स्मारक बनाया जाए*
               किशोर दा के इस भवन गौरी कुंज को लोग पूजा करते हैं यह संगीत प्रेमियों के लिए कला का मंदिर है अपने भगवान किशोर दा का मंदिर है उन सभी किशोर प्रेमियों का एक ही संकल्प है कि किशोर दा का यह भवन जहां किशोर दा ने जन्म लिया था इस भवन को सरकार अधिकरण का भव्य स्मारक बनाएं और हम सभी सरकार की इस पहल का स्वागत करते हैं