आगामी रबी सीजन के लिए फसलों की बुवाई हेतु कार्ययोजना तैयार 

सौरभ तिवारी 

होशंगाबाद 4 अक्टूबर अभी तक ;   जिले में इस वर्ष 04 अक्टूबर तक 1050.9 मि०मी० वर्षा हुई है, जिले की रबी फसलों में सिंचाई का मुख्य स्त्रोत तवा बांध अपने अधिकतम जलस्तर 1166.00 फुट तक भर चुका है, जिससे आगामी रबी सीजन में कृषकों को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध रहेगी । इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग द्वारा आगामी रबी सीजन हेतु कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उप संचालक कृषि जे आर हेडाऊ ने बताया कि भूमि की उर्वरा शक्ति, फसल चक्र आदि को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष दलहन एवं तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष गेहूँ का रकबा 2.85 लाख हैक्टेयर प्रस्तावित किया गया है जो कि विगत वर्ष से 14000 हैक्टेयर कम है तथा दलहन को बढ़ावा देने के लिए चने का रकबा 36,000 हैक्टेयर में प्रस्तावित किया जा रहा है जो कि विगत वर्ष से 14000 हैक्टर अधिक है। दलहनी फसल चना होशंगाबाद जिले के लिए उपयुक्त फसल है। चना फसल से अधिक आय प्राप्त होती है, सिंचाई जल की बचत होती है, भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है एवं फसल चक का भी पालन होता है जिससे आगामी फसलों को भी लाभ पहुँचता है । इसके साथ ही तिलहनी फसल के रूप में सरसों फसल को जिले के लिए उत्तम विकल्प के रूप में रबी सीजन में अतिरिक्त कार्यक्रम लेकर 1200 हैक्टेयर में प्रस्तावित किया गया है। किसान भाई दलहनी फसल चना एवं तिलहनी फसल सरसों को लगाकर अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। जिले के किसानों को उत्तम गुणवत्ता के बीज, उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएँ कृषि विभाग द्वारा की जा रही है।

उप संचालक कृषि ने बताया कि इस वर्ष 2021-22 का गेहूँ का रकबा 285.80 हजार हैक्टेयर , चना का 35 हजार , मसूर का 2.50 हजार ,मटर का 0.40 हजार , राई / सरसों का 1.20 हजार, अलसी 0.60  हजार और गन्ने का 4.50 हजार हैक्टेयर निर्धारित किया गया।

 

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