आचार्य की भूमिका श्री कृष्ण के समान -श्री पाटील

7:27 pm or August 31, 2020
आचार्य की भूमिका श्री कृष्ण के समान -श्री पाटील
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ३१ अगस्त ;अभी तक;  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मंदसौर के विभाग कुटुम्ब प्रबोधन प्रमुख गोपालकृष्ण पाटिल ने सरस्वती विहार शैक्षिक संस्थान मंदसौर में आचार्य अभ्यास वर्ग के द्वितीय दिवस 31 अगस्त को प्रथम सत्र में वर्तमान परिदृश्य व् आचार्य की भूमिका विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि आचार्य की भूमिका भगवान श्री कृष्ण के समान है। आपने आधुनिक संसाधनों के प्रभाव, प्राचीन परिदृश्य, आंतरिक शक्ति, योग, साधना, संस्कार व् वेद धर्म जेसे बिंदुओ पर भी अपने विचार व्यक्त किये।
            इस कड़ी में द्वितीय सत्र में शिशु वाटिका की कक्षा नर्सरी से यूकेजी की माताओ के लिए मातृ सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमे माताओ के मनोरंजन हेतु बच्चो पर आधारित प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई। शिशुवाटिका की शिक्षण प्रमुख रेणुका शुक्ला द्वारा बालक के जीवन में माता की भूमिका, शिक्षा के बदलते स्वरुप विषय पर चर्चा की गई। इस अवसर पर भारतीय आदर्श शिक्षण समिति की सहसचिव वर्तिका पारिख,् शिशुवाटिका की प्रथम माता मंजुला जैन भी उपस्थित रही।
             तृतीय सत्र में विद्यालय की उपप्राचार्या लक्ष्मी राठोड़ ने नई  शिक्षा  नीति पर चर्चा की, चतुर्थ सत्र में समिति के कोषाध्यक्ष रवि शर्मा द्वारा अभिभावक की विद्यार्थी जीवन में भूमिका, अभिभावक गोष्ठी, सम्पर्क, विद्यार्थी व्यवहार, रूचि व् विद्यार्थी भविष्य जैसे विषय लिए गए। इस अवसर पर सरस्वती विहार शैक्षिक संस्थान के प्रबंधक सुनील शर्मा व् सीबीएसई विद्यालय की प्राचार्या सरोज प्रसाद व् आचार्य परिवार उपस्थित था।

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