आचार्य सतगुरू टेऊँराम महाराज के 134वें जन्मोत्सव पर 40 दिवसीय गुरू आराधना भक्ति भाव से प्रारंभ

2:53 pm or June 13, 2021
आचार्य सतगुरू टेऊँराम महाराज के 134वें जन्मोत्सव पर 40 दिवसीय गुरू आराधना भक्ति भाव से प्रारंभ
महावीर अग्रवाल
मन्दसौर १३ जून ;अभी तक;  मंगलमूर्ति आचार्य सद्गुरू स्वामी टेऊँराम महाराज का चालिसा महोत्सव 5 जून से 15 जुलाई तक देश-विदेश में मनाया जा रहा है। जिसका शुभारंभ आचार्य श्री के साप्ताहिक जन्मदिवस शनिवार 5 जून को श्री प्रेमप्रकाश मण्डल के हाजरा हुजूर परम पूज्यनीय गुरूदेव सद्गुरू स्वामी श्री भगतप्रकाशजी महाराज, पूज्य संत मण्डल के दर्शन सत्संग का अमृत रसपान श्री अमरापुर दरबार के यूट्यूब चैनल के माध्यम से हिमाचल प्रदेाश् स्थित श्री प्रेमप्रकाश आश्रम स्वर्गधाम से अमृत वेला में करते हुए अपने मुखारविन्द से करते हुए अपने मुखारविन्द से करते हुए कहा कि आज से 40 दिवसीय गुरू आराधना का प्रारंभ हो रहा है। लगातार 40 दिवस तक व्रत करने व चालिसा का पाठ तथा श्री प्रेमप्रकाश ग्रन्थ की स्थापना से मनवांछित मनोकामनापूर्ण होती है। स्वामी टेऊँराम महाराज की माता कृष्णादेवी ने भी आचार्य सद्गुरू स्वामी टेऊँरामजी महाराज के अवतार के पूर्व 40 दिन तक व्रत रख कर आराधना की थी। परमात्मा व सतगुरूओं की आराधना करने से अपने परिवार पर अच्छे संस्कार पड़ते है। आपश्री ने  फरमाया कि गुरूदेव पर उपकारी, सहनशील, कल्याणकारी व उपकारी होते है और पर्वों के माध्यम से जो भक्तसेवा भाव से धार्मिक अनुष्ठान करना है। उन पर गुरूओं की विशेष कृपा दया बरसती है।
                गुरू महाराज ने कहा कि गुण व अवगुण हर मनुष्य में विद्यमान है किन्तु सतगरू आपके अवगुणों को न देखकर सतगुणों को उठाते है। हमारे यहां 40 दिनों का व्रत व चालिसा महोत्सव मनाने की प्राचीन परम्परा है 40 दिवस तक गुरू की आराधना, उपासना करने से गुरूदेव की आपके विशेष कृपा बरसती है।
               श्री प्रेमप्रकाश आश्रम मंदसौर के 115 प्रेम प्रकाशी परिवारों ने श्री प्रेमप्रकाश गं्रथों की स्थापना बड़े ही आदर, सम्मान, श्रद्धा व भक्ति भाव से की। परिवार सहित प्रतिदिन 40 दिवस तक श्रवण कर अ पना मानव जीवन कृतार्थ करेंगे। शिवानी ने बतलाया कि 113 परिवार अपने-अपने घरों पर समापन भोग 15 जुलाई को ऑनलाईन गुरूदेव भगवान श्री भगतप्रकाशजी महाराज व सन्त मण्डल के साथ करेंगे।
                यह जानकारी श्री प्रेमप्रकाश सेवा मण्डली के अध्यक्ष पुरूषोत्तम शिवानी ने बताया कि जिन परिवारों ने गादिपती सतगुरू, स्वामी भगतप्रकाश महाराज की आज्ञा, आशीर्वाद व कृपा से उनके  पाठों का आरंभ किया जिनके नाम है। श्री प्रेम प्रकाश आश्रम मन्दसौर, पुष्पा-लक्ष्मणदास पमनानी, निर्मला-पुरुषोत्तम शिवानी, देवकी-मेघराज कोठारी, माला-अशोककुमार मूलचंदानी, रेणु-मनोज संगतानी, नीशा -सुन्दरदास आसवानी, दिशा-नरेश लालवानी, द्विया-नारायण शिवानी,सपना-डॉ. सुरेश पमनानी, लाजवंती-राजकुमार लालवानी, रेखा -किशन लालवानी, मन्जु-बम कोठारी, दिशाका कोठारी, हीना-गोपाल बालानी, गोदावरी जेठवानी, रीतिका चन्दानी, लक्ष्मी चन्दानी, भगवानी संगतानी, कविता पमनानी, चन्दा लालवानी, विध्या श्यामयानी, लता श्यामयानी, प्रीती टेकचंदानी, दुर्गा जापानी भावनानी, शिला भावनानी, रेखा उतवानी, द्रोपदी प्रदनानी, विधा ज्ञानचन्दानी, ईश्वरीदेवी (चाची वासवानी), लता वासवानी, मीरा श्यामयानी, सुश्री सपना संगतानी, उषा टेकवानी, दिपा नदंवानी, भावना नदंवानी, विध्या सतिदासानी, प्रिया बालानी, जया भगतानी,कविता-राजकुमार पमनानी, द्विया रामचंदानी, अनीता सबनानी, हरि मनवानी, द्विया-नारायण संगतानी, कुन्ति पमनानी, गीता गिडवानी, कमला शिवनानी, भगवन्ती सेवानी, रश्मि कोतक, जयश्री कोटवानी, विनीता लालवानी, वर्षा आडवाणी, पार्वती हेमनानी, माया, मोहिनी लालवानी, ज्योति खेराजानी, गंगा मनवानी, हेमा मनवानी, इन्दु मनवानी, मंजू होतवानी, कनीष्का होतवानी, दिपा बाबानी, विशनी  कोठारी, जानकी कोठारी, कान्ता जैसवानी, श्यामलाल खैमानी, काजल विशनानी, गायत्री लालवानी, ममता सगतानी, भारती लालवानी, गोदावरी हरजानी, जया हरजानी,भगवन्ति हरजानी, कंचन हरजानी, जयंवन्ति जजवानी, लिना राजवानी, पुपली चन्दवानी, आशा मोटवानी, लाजवंती मोटवानी, माया गिडवानी, बाग़ी केसवानी, मिरा आसवानी, विध्या होतवानी, माया बिजानी, भावना टेकचन्दानी, शालू संगतानी, नीकिता रामचन्दानी, रजंनी बाबानी, भावना मनवानी, रिया टीलवानी, श्रृद्धा पमनानी, शालू उतवानी, दीप्ति लखवानी, रेखा सुरवानी, दया पमनानी, मधु मूलचंदानी, भगवानदास  आसवानी, मीरा बुलंचदानी, नैना शेरवानी, सनी कोटवानी, रेखा श्यामयानी, उमा बेन डोडानी, निर्मला नमरानी, दिपीका दांतवाणी, मोहिनी शेरवानी, माया कुन्दवानी, भाविका बजाज, मीना  बजाज, वीना ज्ञानचन्दानी, कविता सगतानी, जूही लालवानी, भगवन्ति धनजानी, पूनम नदंवानी, ईश्वरीदेवी लालवानी, कान्ता खैमानी, सरोज लालवानी, वर्षा देवनानी, मोनीका कोठारी, मोना  बालवानी, चन्द्रा बालवानी, हर्षा सेवानी, निशा मनकानी आदि ने पाठ किया