आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत ग्राम ढाबला में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन हुआ

महावीर अग्रवाल
  मंदसौर 23 अक्टूबर ;अभी तक;  राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के दिशा-निर्देशानुसार  14 नवम्बर 2021 तक आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अनुक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर श्री विजय कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत भवन परिसर, ग्राम में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। उपरोक्त कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश श्रीमान  अनीष कुमार मिश्रा द्वारा कार्यक्रम अपने उद्बोधन में कहा कि हम एकल परिवार की ओर अग्रसर हो रहे है, हमें अपने पूर्वजों का सम्मान करना चाहिये और संयुक्त परिवार की परिकल्पना को जीवित करना होगा। उन्होने इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि हमें अपने वृद्धों का सम्मान करना चाहिये। उन्होने संयुक्त परिवार को बनाये रखने के संबंध में यह भी कहा कि संस्कार हमारे गहनें है, ख्याति मनुष्य का श्रृंगार है। उन्होने माता-पिता का महत्व एवं उनका आर्शीवाद पर बोलते हुए यह भी कहा कि मां जन्नत का द्वार है एवं पिता एक ऐसी व्यवस्था है वह शांत रूप से परिवार का पालन करते है, हम सभी को माता-पिता का आदर करना चाहिये। उन्होने इस अवसर पर लोकोपयोगी लोक अदालत, सूचना का अधिकार, मोटर व्हीकल एक्ट के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी दी।
                   इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मो. रईस खान जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर ने अपने उद्बोधन में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में लोगों तक जनजागरूकता एवं उन तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रमों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह 02 अक्टूबर 2021 से पूरे भारत वर्ष में प्रारंभ किया गया है। उन्होने इस अवसर पर ग्रामीणजन को नामांतरण पर ध्यान रखने एवं खसरा खतौनी की नकल एवं अवलोकन करने की सलाह दी। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित बालक/बालिकाओं को मोबाईल चलाते समय सावधानियां बताते हुए कहा कि हम सबको बुरी चिजों को सर्च नही करना चाहिये। इस अवसर पर उन्होनें संयुक्त परिवार की अवधारणा को जागृत करने के लिए कहा कि हमारे देश की संस्कृति पर हमें गौरान्वित होना चाहिये, जिसे विश्व ने स्वीकार किया है। संयुक्त परिवार बनाये रखें एवं वृद्धजनों के द्वारा दिये गये संस्कारों का हम सभी को अनुसरण करना चाहिये। उन्होने इस अवसर पर संबोधन में यह भी कहा कि हमारे संविधान में ने हमें अधिकार दिये है। हमें उनका पालन करना चाहिये और समाज में कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए सहयोग करना चाहिये। हम अपने माता-पिता की देखभाल करें और उनके भरण-पोषण इत्यादि की जिम्मेदारी को बखूबी निभायें। वृद्धजन की सम्पत्ति पर अनाधिकृत रूप से कब्जा न करें। लोगों को उन्होनें नशे के दुश्परिणामों से बचने एवं दूर रहने की सलाह देते हुए अपने आप पर नियंत्रण रखने एवं बच्चों को नशे से दूर रखने के लिये कहा, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान रखें तथा शासन द्वारा शिक्षा के अधिकार अंतर्गत प्राप्त होने वाली सुविधाओं का लाभ उठायें।
               श्री मो. रईस खान जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंदसौर ने मीडिएशन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए लोगों को बताया कि पति-पत्नि के विवाद घर पर ही सुलझाऐं महिलाएं धारा 125 जाप्ता फौजदारी अंतर्गत भरण-पोषण की पात्र है। इस अवसर पर उन्होनें मीडिएशन की विस्तृत जानकारी देते हुए लोगों को आव्हान किया कि पारिवारिक मामलों को आपसी सुलह एवं समझौते के माध्यम से निराकरण के लिए सौहार्द वातावरण में लोक अदालत में निपटा सकतेहै । श्री खान द्वारा अपने संबोधन में लोगों को आई.टी. एक्ट, लोक अदालत तथा नालसा एवं सालसा की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी तथा उपस्थित बच्चों को मोटिवेट करते हुए उन्हे कैरियर के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि आप सभी को अपने लक्ष्य को निर्धारित करना होगा।
              कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मल्हारगढ़ श्री मेहरबानसिंह ठाकुर, श्री नायब तहसीलदार मल्हारगढ़ श्री मनोज शर्मा, ग्राम पंचायत ढाबला सरपंच श्री  उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री अवधेश कुमार दीक्षित ने किया एवं कार्यक्रम का आभार ग्राम पंचायत उपसरपंच श्री सुरेन्द्रसिंह द्वारा मना गया। उपरोक्त विधिक साक्षरता शिविरों में ग्रामीणजनों को पेम्प्लेट्स इत्यादि वितरित किए गए।
               इसी अनुक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पैरालीगल वालेंटियर्स एवं पंचायत सचिवों की टीमों द्वारा  इत्यादि ग्रामो ंमें जाकर ग्रामों में जाकर ग्रामवासियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं व कानून के प्रति जागरूक करने के लिए विद्यालयों, ग्राम पंचायत भवन व ग्रामीणजनों के बीच जाकर डोर-टू-डोर अभियान एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। साथ ही ग्रामीणजनों की विभिन्न समस्याओं को भी सुनकर उक्त समस्याओं के निदान हेतु आवश्यक सलाह प्रदान की गई। डोर टू डोर अभियान एवं विधिक साक्षरता शिविरो में पेम्प्लेट्स इत्यादि वितरित किए गए।