आजीविका मिशन ने श्रीमती शकुंतला बाई के जीवन में बिखेरी खुशियों की रौनक

7:20 pm or October 8, 2021
आजीविका मिशन ने श्रीमती शकुंतला बाई के जीवन में बिखेरी खुशियों की रौनक
महावीर अग्रवाल
मंदसौर 8 अक्टूबर ;अभी तक;  श्रीमती शकुंतला बाई मंदसौर जिले के विकासखंड गरोठ के ग्राम पंचायत खड़ावदा की रहने वाली है। श्रीमती शकुंतला बाई केजीएन स्व सहायता समूह से जुड़ी है। समूह से जुड़ने के 8 माह बाद ही इनके पति का मृत्यु हो गई थी। इनके पति की मृत्यु के बाद इनका परिवार पुरी तरह से बिखर गया था। केजीएन स्व सहायता समूह से जुड़ने से पहले शकुंतला बाई का जीवन व्यापक समस्याओं से घिरा हुआ था और परिवार की मासिक आय 6 हजार से 7 हजार  रुपये थी।
                 समूह से जुड़ने के बाद इन्होंने महसूस किया कि ये कुछ कर सकती हैं एवं परिवार की आय में सहायक सिद्ध हो सकती है। इसी उद्देश्य से इनकी पति की मृत्यु के बाद सी.आई एफ की राशि से 10 हजार रुपये ऋण के रूप में लिया गया। जिसकी समय पर किश्त पूर्ण दि गई है। ऋण राशि से एक छोटी जनरल स्टोल खोलने का सोचा जिसके बाद यह जनरल स्टोर के सामान बढाने लगी तथा आज इनकी दुकान से इन्हे मासिक 10 हजार से 11 हजार रुपये के बीच में मासिक आय प्राप्त हो रही है। श्रीमती शकुंतला बाई कहती है की आजीविका मिशन से मैं नहीं जुड़ती तो मेरे जीवन में क्या बचा था इसको सोचकर भी डर जाती है। आज इनके द्वारा सीआरपी का कार्य किया जाता है। जिससे और बेसहारा औरतों को समूह में जुड़कर आगे आने के लिये प्रेरित करती हैं और आगे भी करती रहेगी ।