आत्मनिर्भरता की अवधारणा : क्या, क्यों और कैसे ?

महावीर अग्रवाल

मन्दसौर १० मार्च ;अभी तक;  स्वामी विवेकानन्द कॅरियर मार्गदर्षन के अन्तर्गत राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मन्दसौर के गृह विज्ञान एवं समाजषास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनांक 10 मार्च, 2021 को “आत्मनिर्भरता की अवधारणा” विषय पर ऑनलाइन वेबीनार का आयोजन किया गया ।

महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. सी.एल. खिची ने अपने आषीर्वचन के रूप में विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए मार्गदर्षन देते हुए शुभकामनाएं प्रेषित की । वेबीनार में मुख्य वक्ता के रूप में गृहविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रीतिबाला भोर ने बताया कि आत्मनिर्भरता की अवधारण को समझने के लिए तीन प्रष्नों के उत्तर जानना आवष्यक है- क्या, क्यों और कैसे ?

इन प्रष्नों के उत्तर समझाते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के अंतर्गत केवल आर्थिक पक्ष ही नहीं, बल्कि मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से निर्भर होना भी सम्मिलित है । यदि सांसारिक दुखों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो आत्मनिर्भरता जरूरी है, क्योंकि जो व्यक्ति दूसरों  पर निर्भर रहता है, संसार में उससे ज्यादा दुखी ओर कोई नहीं है ।  आत्मनिर्भर बनने के लिए अपने जीवन में कुछ मूल सिद्धांत, मूल आदर्ष और उद्देष्य स्थापित करना और उनका पालन करना एवं स्वयं का अध्ययन करना जरूरी है ।कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथियों का आभार समाजषास्त्र के विभागाध्यक्ष प्रो. रवीन्द्र राठौर ने माना ।

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