आत्मनिर्भर भारत अभियान के उद्देश्य व लक्ष्य को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न

महावीर अग्रवाल

मंदसौर  २२ सितम्बर ;अभी तक;  सांसद सुधीर गुप्ता ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के लक्ष्य, उद्देश्य और उसमें आ रही समस्याओं को लेकर लोकसभा में प्रश्न किया। सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया गया इसका विवरण क्या है । यह इस अभियान के लक्ष्य और उद्देश्य क्या है।  वहीं सरकार द्वारा इस अभियान के अंतर्गत अब तक की गई पहलों  का विवरण क्या है । वही सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि आत्मनिर्भर अभियान मैं कौन सी समस्या उत्पन्न हो रही है यदि ऐसा है तो इन्हें दूर करने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं ।

प्रश्न के जवाब में वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार द्वारा 12 मई 2020 को आत्मनिर्भर भारत अभियान की घोषणा की गई । जिसमें 20 लाख करोड़ का एक विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया गया।  इसका लक्ष्य देश को आत्मनिर्भर बनाना, स्थानीय विनिर्माण, स्थानीय बाजार व स्थानीय आपूर्ति श्रंखला पर ध्यान केंद्रित करना है । यह अभियान वैश्विक आपूर्ति श्रंखला में कठिन प्रतिस्पर्धा के लिए देश को तैयार करने, कारोबारी सुगमता बढ़ाने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को आकर्षित करने और मेक इन इंडिया के लिए नीतियों को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित करता है । इसका यह भी लक्ष्य है कि की कृषि और मत्स्य पालन संबंधी सुधारों का समर्थन किया जाए और कृषि एवं पशुपालन संबंधी बुनियादी ढांचे में वृद्धि की जाए।  इस अभियान के अंतर्गत उपायों में सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों, विद्युत वितरण कंपनी, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं और अन्य विषयों के लिए नकदी सहायता बढ़ाने के उपाय भी शामिल है ।

उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय ने दिनांक 13 से 17 मई तक विभिन्न उपायों नीतियों स्कीमों को घोषित किया है।  मंत्रिमंडल सचिवालय ने भी सभी मंत्रालयों और विभागों को विचार प्रस्तुत संस्थाओं में यह दर्शाने हेतु की घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करते हुए आयात निर्भरता को कम करते हुए निर्यात आदि को बढ़ाते हुए आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में यह प्रस्ताव किस प्रकार सहायता करेंगे के बारे में निर्देश देते हुए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं । आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत सुक्ष्म खाद उद्योगों के औपचारिककरण के लिए 10000 करोड़ की योजना, प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मछुआरों के लिए 20 हजार करोड़ रूपए की योजना, शासकीय खेती प्रोत्साहन 4000 करोड रुपए का उल्लेख, मधुमक्खी पालन पहल 5000 करोड रुपए, राष्ट्रीय पशु बीमारी नियंत्रण कार्यøम, कोयला क्षेत्र में व्यवसाई खनन की शुरुआत, रक्षा उत्पादकों में आत्मविश्वास को बढ़ाना, ऊर्जा क्षेत्र में दर सूची नीति सुधार, परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, एमजीएनआरईजीएस को रोजगार प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए आवंटन में 40000 करोड रुपए की वृद्धि, भारत को भविष्य महामारियों के लिए तैयार करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार में निवेश में वृद्धि आदि शामिल है। इसी के साथ उन्होने बताया कि एक नए आत्मनिर्भर भारत के लिए सार्वजनिक क्षेत्र उद्योग नीति, राज्यों की ऋण सीमा को केवल 2020-21 के लिए 3्र प्रतिशत से 5 प्रतिशत बढ़ाना एवं राज्य स्तरीय सुधारों को प्रोत्साहन भी इसके अंर्तगत शामिल है।

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