आदिवासियों को खुद महुआ शराब बनाने और बेचने की परमिशन देगी सरकार ; शिवराज

मयंक शर्मा
खंडवा २४ अक्टूबर ;अभी तक;   ख्ंाडवा संसदीय सीट के उपचुनाव में आयोजित चुनावी सभा में
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा है कि हेरिटेज योजना के तहत
मध्यप्रदेश में सरकार आदिवासियों को खुद और बेचने के लिए भी महुआ शराब
बनाने की परमिशन देगी। वे शनिवार को नेपानगर विधानसभा की धुलकोट तहसील के
ग्राम बोरी में आयोजित चुनावी सभा में कही। उन्होंने कांग्रेस कमेटी की
ओर से चुनाव आयोग को लिखी गई चिट्ठी भी दिखाई।
               उन्होंने कहा कि अरे पैसा डालो तो तकलीफ, न डाले तो तकलीफ हो। तुम कर्जा
माफ करके मुकर जाओ, तो … तुम अच्छे….. मामा बुुरा। वहीं, सीएम ने कहा
कि आदिवासी भाइयों पर चल रहे छोटे-मोटे सारे मुकदमों को सरकार वापस लेगी।
हत्या और बड़े गंभीर अपराध छोड़कर छोटे-मोटे मुकदमे वापस होंगे, ताकि
उन्हें कोर्ट के चक्कर न लगाना पड़े।
                सीएम ने कहा कि मैं, शराब का पक्षधर नहीं।  मैं नशामुक्ति का पक्षधर
हूं, लेकिन भैया अगर शराब परंपरा में चलती है। हमारी परंपरा है।
कार्यक्रमों में चलती है, तो बड़े-बड़े कांट्रेक्टर शराब क्यों बनाएं।
आदिवासी अगर कहीं थोड़ी बहुत बना दे तो पकड़ो-धकड़ो, जेल ले जाओ, मारो, मटकी
फोड़ दो। हमने तय किया है कि आदिवासी भाई-बहन अपने उपयोग के लिए बनाते हैं
तो बुराई क्या है। सोम डिस्टिलरी वाले क्यों बनाए। धन्नू, पन्ना, कल्लू,
लल्ला भी बनाएं तो बेचें। उसमें क्या दिक्कत है। दूसरे राज्यों की तरह
हैरिटेज योजना में जो अच्छी तरह बनाते हैं, वह बनाएं। आदिवासी क्यों
नुकसान में रहें।
               सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार राशन आपके द्वार योजना चलाएगी। जिसके तहत जहां
राशन की दुकान नहीं है, वहां आदिवासियों के घर गाड़ी राशन लेकर पहुंचेगी।
जिसे खुद आदिवासी चलाएगा। बैंक से लोन लेकर वाहन खरीदेगा। इसकी सब्सिडी
सरकार देगी। एक साल में एक लाख सरकारी नौकरियों में भर्ती की जाएगी।
बैकलॉग के भी सारे पद भरे जाएंगे। ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हो सके।
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