मप्र हाईकोर्ट से छठवीं बटालियन में पदस्थ आरक्षकों को राहत मिली

7:35 pm or October 29, 2022

सिद्धार्थ पांडेय

जबलपुर २९ अक्टूबर ;अभी तक;  मप्र हाईकोर्ट से छठवीं बटालियन में पदस्थ आरक्षकों को राहत मिली है। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने पूर्व में दिये गये आदेशों के परिप्रेक्ष्य में अनावेदकों को निर्देशित किया है कि वे आवेदकों के च्वाईस फिलिंग पदस्थापना  संबंधी दावे पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर निर्णय ले, उक्त निर्देश के साथ न्यायालय ने मामले का पटाक्षेप कर दिया।

यह मामले एसएएफ व अन्य बटालियन में पदस्थ क्रमश: सुनील त्रिपाठी, प्रदीप बंसल, दीपक सिंह राजपूत, प्रवीण पाल, धीरज कुमार मिश्रा की ओर से दायर किये गये थे। जिसमें कहा गया था कि सभी सामान्य व अन्य वर्ग के है। वर्तमान में एसएएफ भोपाली, रीवा, उमरिया व रांझी जबलपुर में पदस्थ है। आवेदकों का कहना है कि वर्ष 2013 से 2017 तक़ जब मध्य प्रदेश पुलिस कि भर्ती का विज्ञापन निकाला गया और परीक्षा भी मध्य प्रदेश पुलिस कि ली गई। इतना ही नहीं इसके बाद च्वाईस फिलिंग भी पुलिस द्धारा ली गई, इसके बावजूद उन्हें बटालियन में पदस्थ कर दिया गया। मामले में प्रमुख सचिव गृह विभाग, डीजीपी व एडीजी पीएचक्यू को पक्षकार बनाया गया था। सुनवाई दौरान न्यायालय ने पेश किये गये दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए व पूर्व में आरक्षकों के पक्ष में दिये गये राहतकारी आदेश को मद्देनजर रखते हुए आवेदकों की च्वाईस फिलिंग संबंधी अभ्यावेदन पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के निर्देश दिये है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने पक्ष रखा।