इंग्लिश मीडियम स्कूल द्वारा मनमानी फीस के मैसेज का करे सभी विरोध 

महावीर अग्रवाल
मन्दसौर ३० जून ;अभी तक;  दशपुर जागृति संगठन ने बताया कि देश में कोरोना महामारी के कारण कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बहुत ही कमजोर हो चुकी है बहुत से परिवारों के अभिभावक घर पर छोटी-मोटी मजदूरी करके समय निकाल रहे हैं ऐसे समय में इंग्लिश मीडियम स्कूल एवं क्रिश्चियन मशीनरी के स्कूल मनमाने ढंग से अपनी मोनोपाली का लाभ उठाते हुए फीस के मैसेज अभिभावकों के मोबाइल पर वर्तमान में भेज रहे हैं। अपने माता-पिता की आर्थिक स्थिति को देखकर जिसके कारण बच्चों की आंखों में आंसू तक भी आ गए हैं। जब देशवासी आर्थिक संकट से जूझ रहे है ऐसे में भी विद्यालय संचालक सहयोग की भावना व उदारता न रखते हुए अभिभावकों को लूटने में लगे हुए है।
                     संगठन ने कहा कि जिले के सभी अधिकारियों द्वारा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा यह कहा गया था कि कोई भी व्यक्ति मनमाने ढंग से किसी भी प्रकार की विद्यालय फीस नहीं वसूल सकता है लेकिन विगत 3 दिनों के अंदर दो-तीन विद्यालय के द्वारा जिसमें सेंट थॉमस स्कूल में शामिल है के द्वारा अभिभावकों के पास फीस के मैसेज भेजे जा चुके है।ं इन स्कूलों द्वारा एक-एक बच्चे के पास 12 से 13 हजार तक का फीस का मैसेज भेजा गया है जिस परिवार में यदि दो से तीन बच्चे पढ़ते हैं उनकी फीस 40000 तक बन रही है। इसी प्रकार ये स्कूल यह मनमानी कर रहे हैं। संगठन ने कलेक्टर से मांग की कि अभिभावकों की इस समस्या को संज्ञान में लेकर इस पर विशेष रोक लगानी चाहिए।
                      दशपुर जागृति संगठन के संरक्षक राजाराम तवर ने कहा है इन विद्यालयों की मनमानी का हम पूर्ण विरोध करते हैं वर्तमान समय में कोरोना महामारी के कारण परिवारों को अपने खाने की स्थिति में परेशानी हो रही है उपर से है बच्चों की शिक्षा का ध्यान में रखते हुए माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाने में असमर्थता महसूस कर रहे हैं। सभी इंग्लिश मीडियम के स्कूलों से निवेदन है कि इस वर्ष न्यूनतम से न्यूनतम राशि अभिभावकों से ली जाए। यदि मनमानी करते हैं तो संगठन इसका विरोध करते हुए ज्ञापन भी देगा।  अभिभावकों से निवेदन है वह भी अपने स्तर से कलेक्टर महोदय को पत्र द्वारा इसकी सूचना दें। जनप्रतिनिधियों का भी दायित्व है कि वह भी इस पर कार्रवाईयां करें। हर कोई सक्षम नहीं होता आज के समय में हर व्यक्ति कर्ज में डूबा हुआ है ऊपर से यह शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में सहयोग के स्थान पर व्यवसायीकरण का रूप दे दिया गया है। इसका सभी पूर्ण विरोध करें। न्यूनतम शुल्क पर ही इस वर्ष बच्चों को पढ़ाने की मांग करें। नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
                 संगठन के उपाध्यक्ष बी.एस. सिसोदिया ने भी कहा है सभी विभाग बिजली विभाग एवं अनिवार्य सेवा संबंधित देश के सभी वर्ग इस महामारी में सहयोग कर रहे हैं उसमें यह इंग्लिश मीडियम स्कूल अपनी मनमानी न करे। पहली बार विश्व परेशानी के दौर से गुजर रहा है सभी को अपने स्तर से सहयोग करना चाहिए। यदि इन स्कूलों द्वारा अपने मनमाने रवैये में सुधार नहीं किया जाता है तो युवा क्रांतिकारी संगठन खुलकर विरोध करेगा
संगठन के सहसचिव अजीजुल्लाह खान खालिद ने कहा है बच्चों की आंख के आंसू एवं असहाय अभिभावक के साथ हमारा संगठन खड़ा है। आप अपने पत्र बनाकर कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों को लिखें और किसी भी प्रकार की मनमानी पर पूर्ण विरोध करें न्यूनतम राशि फिक्स करें। अधिकतम 2000 रू. प्रति माह के हिसाब से प्रत्येक माता-पिता एक बच्चे की स्कूल  फीस जमा कराने की मांग संगठन करता है इसमें किसी भी प्रकार का शिक्षा के अलावा कोई चार्ज नहीं लिया जाए नहीं तो हम इसका पूर्ण विरोध करेंगे। संगठन मांग करता है की एक वर्ष के लिये सभी सहयोग दें। यह परेशानी का दौर है राष्ट्र के प्रत्येक वर्ग को सेवा करना चाहिए। 10 जुलाई तक सभी इंग्लिश मीडियम स्कूल अपनी पालिसी बना ले। शिक्षा के अलावा किसी भी प्रकार की राशि वसूली तो संगठन आंदोलन करेगा। यह जानकारी संगठन के परामर्शदाता बालाराम ने दी।

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