इंजीनियरों की मांग को भुला बैठी सरकार, इंजीनियर्स एसोसिएशन ने  उठाई आवाज 

7:37 pm or September 4, 2020
इंजीनियरों की मांग को भुला बैठी सरकार, इंजीनियर्स एसोसिएशन ने  उठाई आवाज 
 मोहम्मद सईद
शहडोल 4 सितंबर अभी तक। मध्य प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा ज्ञापन में एसोसिएशन द्वारा अपनी विभिन्न मांगों का उल्लेख किया गया है मध्य प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष इंजीनियर अशोक मरावी के नेतृत्व में सोते गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि  एसोसिएशन अपनी पूर्वानुसार लंबित मांगों के संबंध में आपसे समय-समय पर अनुरोध करता आ रहा है कि मध्य प्रदेश में इंजीनियर्स प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, परन्तु सम्मानजनक पदनाम व शोषित तरीके से सेवा करने से मुक्ति अर्थात संविदा से नियमित सेवा करने जैसी मांग करने पर मजबूर हो रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में वर्ष 2006 या पूर्व से संविदा भर्ती का प्रचलन चला है। आपने प्रदेश का नेतृत्व संभालते ही कहा था कि प्रदेश में कर्मी-कल्चर को समाप्त करूंगा परन्तु आपके नेतृत्व का चौथा कार्यकाल सफलतापूर्वक चल रहा है। हम अपेक्षा कर रहे हैं कि आप कर्मी-कल्चर शीघ्र समाप्त करेंगे।
                     प्रदेश में इंजीनियर्स आज भी संविदा शर्तों पर नौकरी करने को मजबूर हैं, संविदा पर कार्य करने वालों का भविष्य हमेशा अंधकारमय है। वे इतनी नौकरी कर चुके हैं कि वे वर्तमान नौकरी छोड़कर अन्य क्षेत्र में भी सेवा करने की पात्रता ओव्हरएज होने से खो चुके हैं । संविदा इजीनियरों से शासन द्वारा पूर्णरूपेण नियमित इंजीनियर्स के समान कार्य कराया जा रहा है। समान उत्तरदायित्व दिया जाता है, परंतु उन्हें नियमित पदों पर पदस्थ करने से वंचित रखा जाता है एवं सेवा भी नियमों का हवाला देकर अधिकारों से वंचित कर दिया जाता है।  ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संविदा उपयंत्रियों/ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में वर्कचार्ज में कार्यरत उपयंत्रियों को रिक्त पदों पर नियमित पदस्थापना करने पर भी चूंकि पद रिक्त है इसलिए कोई अधिक आर्थिक भार नहीं आयेगा। ग्रामीण
यांत्रिकी सेवा विभाग में ही 500 पद रिक्त हैं, इन्हें भरा जाना है। अतः शासन से मांग है कि रिक्त पदों पर संविदा साथियों को नियमित किया जाये। इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 26 उपयंत्री वर्कचार्ज स्थापना में है, इन्हें नियमित स्थापना करने पर कोई आर्थिक भार नहीं होगा। साथ में निचले पदों पर नियमित पदस्थापना में कार्यरत डिप्लोमाधारी कर्मचारियों की पदोन्नति हेतु पांच प्रतिशत कोटा निर्धारित है, जब तक पदोन्नति का निराकरण नहीं होता है तब तक उन्हें उपयंत्री पद का पदभार ग्रहण करने संबंधी आदेश प्रसारित करने का अनुरोध है।
                  ज्ञापन में मांग की गई है कि उपयंत्री सेवानिवृत्त होने तक विभिन्न तकनीकी कारणों से पदोन्नति से वंचित रहता है, विगत लम्बे समय से न्यायालयीन प्रक्रिया के चलते पदोन्नतियां भी नहीं हो रही है। उपयंत्री को 10 वर्ष, 20 वर्ष व 28 वर्ष के सेवाकाल पूर्ण होने पर समयमान वेतनमान भी प्राप्त हो रहा है अर्थात् 20 वर्ष के सेवाकाल पर सहायक यंत्री का एवं 28 वर्ष के सेवाकाल पर कार्यपालन यंत्री का वेतनमान प्राप्त होता है। हमारी मांग है कि सेवानिवृत्ति के पूर्व पदोन्नति न होने के कारण 28 वर्ष के सेवाकाल पूर्ण करने वाले उपयंत्री को सहायक यंत्री का पदनाम दे दिया जावे ताकि वह सम्मानजनक पद नाम पाकर सेवानिवृत्त हो सकें। इस मांग को पूर्ण करने पर शासन पर कोई वित्तीय भार नहीं आवेगा।
यह रहे उपस्थित
                 ज्ञापन सौंपते समय मध्य प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष इंजीनियर अशोक मरावी, इंजीनियर विजय केसरवानी, इंजीनियर ए एम सिंह,  इंजीनियर आर पी तिवारी, इंजीनियर श्रीकांत तिवारी और इंजीनियर सुश्री अंजली सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

 

 


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