इलाज के बहाने किशोरी पर लैगिंक हमला करने वाले वैद्य को 20 वर्ष सश्रम कारावास

6:36 pm or September 20, 2022
अरुण त्रिपाठी
रतलाम,20 सितंबर ;अभी तक;  पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायालय ने इलाज के बहाने किशोरी पर लैगिंक हमला करने के आरोप में 30 वर्षीय वैद्य अब्दुल जलील पिता अब्दुल रहमान को दोषी पाया। उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। आरोपी मूल रूप से कालीकट (कोडीकोट) केरल का रहने वाला है और रतलाम की अंजलीधाम कालोनी में रहकर जवाहर नगर स्थित धनवंतरी आयुर्वेद क्लीनिक का संचालन कर रहा था। उसे पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश योगेंद्रकुमार त्यागी ने दंडित किया है।
                               विशेष लोक अभियोजक गौतम परमार ने बताया कि सोलह वर्षीय किशोरी को चक्कर आने की शिकायत थी। वह वैद्य अब्दुल जलील से जवाहर नगर स्थित धनवंतरी आयुर्वेद क्लीनिक पर छह वर्ष से इलाज करा रही थी। एक दिन वैद्य अब्दुल ने चक्कर आने की बीमारी ठीक हो गई है कहकर हार्टबीट चेक कराने के लिए हर तीन माह में एक बार क्लीनिक पर आने को कहा। 26 जून 2021 की शाम बड़ी बहन के साथ जब वह क्लीनिक पर चेकअप कराने गई, तो वैद्य अब्दुल ने चेकअप के लिए टेबल पर लेटाकर अश्लील हरकत की। घर जाकर उसने बहन को बताया और रात में काम से घर लोटने पर पिता एवं माता को जानकारी दी।
                       बाद में पिता व बहन के साथ औद्योगिक क्षेत्र थाना जाकर रिपोर्ट कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर वैद्य अब्दुल को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद से आरोपी जेल में ही है। उसने कुछ महीनों पहले उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में जमानत के लिए आवेदन पेश किया था। लेकिन उच्च न्यायालय ने विशेष न्यायालय को आदेशित किया कि आरोपी को जमानत का लाभ न देकर तीन माह में प्रकरण का विचारण समाप्त कर निर्णय दिया जाए। विशेष न्यायालय एवं अभियोजन के विशेष प्रयासों से प्रकरण का विचारण समय सीमा में पूरा किया गया।
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