इस मेले मैं पत्थर लगने के बाद भी लोगो पर एफआईआर तक दर्ज नहीं होती, अभी तक 20 लोगो की हो चुकी है मौत  

छिंदवाड़ा से महेश चांडक
छिंदवाड़ा ६ सितम्बर ;अभी तक;  विश्वभर मैं प्रसिद्ध गोटमार मेला कल 7 सितम्बर को पांढुर्ना मैं पत्थरो का युद्ध खेला जायेगा जहां जाम नदी पर पांढुर्ना और सांवरगांव के संगम पर वर्षो पुरानी गोटमार मेले खेलने की परंपरा को निभाते हुए एक – दूसरे पर पत्थर बरसाए जायेंगे । पोला पर्व के दूसरे दिन मनाये जाने वाले गोटमार मेले पर भले ही खून की धारा बहेगी पर इस दर्द को भूलकर परंपरा निभाने का जोश व उमंग कम नही होगा । माँ चंडिका के चरणों मैं मत्था टेककर हर कोई गोटमार मेले मैं शामिल हुआ गोटमार खेलने वाले खिलाडी पांढुर्ना और सावरगांव से एक – दूसरे पर पत्थरो से बरसात करते है और वर्षो पुरानी गोटमार खेलने की परंपरा निभाई गई तथा गोटमार मेले के अवसर पर आराध्य देवी माँ चंडिका के मंदिर मैं भक्तो का मेला लगता है
                 गोटमार के दौरान एक दूसरे पर पत्थर बरसाकर लहूलुहान करने के इस खेल को रोकने के लिए प्रशासन ने कई प्रयास किये पर अब तक हुए हर प्रयास असफल रहे है जिला प्रशासन द्वारा बीते सालो से हर बार गोटमार रोकने का भरसक प्रयास किए गए थे मानवधिकार आयोग तक भी बात पहुची थी गोटमार मेले की गतिविधि को रोकने प्रशासन सख्ती से मुस्तेद रहा लेकिन पर गोटमार मेले की परंपरा को रोकने के प्रयास असफल रहे है वही इस मेले को लेकर कई स्थानीय लोगो द्वारा इस खुनी खेल का विरोध भी किया जा रहा है
                 विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले की परंपरा निभाने के पीछे किवंदतियां और कहानिया जुडी है किवंदती के अनुसार पांढुर्ना के युवक और सावरगांव की युवती के बीच प्रेम संबंध था एक दिन प्रेमी युवक ने सांवरगांव पहुचकर युवती को भगाकर पांढुर्ना लाना चाहा जैसे ही दोनों जाम नदी के बीच पहुचे तो सांवरगांव के लोगो को खबर लगी प्रेमीयुगल को रोकने पत्थर बरसाए जिससे प्रेमीयुगल की मौत हो गई इस किवंदती को गोटमार मेला आयोजन से जोड़ा जाता है
                 गोटमार मेला भले ही पारम्परिक है परंपरा के भाति कई वर्षो से निभाया जा रहा है पर इस परंपरा पर विसंगतिया हावी होने लगी है पांढुर्ना की पहचान इस गोटमार मेले के साल दर साल बदलते स्वरूप और मेले पर हावी विसंगतियों से नगर के बड़े – बुजुर्गो को दुःख होता है
               जिले के कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन ने क्षेत्र की जनता से शांति पूर्वक मेला मनाने की अपील की है मेले को देखते हुए मेडिकल स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्थाए,एम्बुलैस की व्यवस्थाएं की गई है कोरोना प्रोटोकाल का पालन करे,उल्ल्घंन करने वालो के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी साथ ही क्षेत्र मैं धारा 144 लगाई गई है
                 जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने बताया की पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिए 1200 पुलिस कर्मियों का पुलिस बल लगाया गया है साथ ही पांढुर्ना और सावरगांव मैं स्वास्थ्य सुविधा के लिए केम्प तथा 10 स्पेशलिस्ट डॉक्टरो की भी टीम मौके पर मौजूद है पुरे आयोजन को ड्रोन कैमरे के माध्यम से रिकॉर्ड किया जायेगा रस्सी मैं पत्थर को फसाकर तेज गति से फेंके जाने वाले गोफन, अस्त्र शस्त्र और बिक्री शराब पर प्रतिबंधित किया गया है
         पिछले वर्ष कोरोना काल मैं इतनी पाबंदी के बाद भी खेले गए इस खुनी खेल के मेले मैं करीब 140 से अधिक लोग घायल हुए थे वही 2 से लोग गंभीर घायल हुए थे पिछले 16 वर्षो मैं 12 हजार से अधिक लोग हुए थे घायल,  अभी तक 20 लोगो की मौत हो चुकी है
छिंदवाड़ा से महेश चांडक