उखड़ी गिट्टियां, बदहाल मार्ग खुद बयां कर रही अपनी कहानी, मार्ग में गड्डे, बने परेशानी का सबब, राहगीर परेशान

12:12 pm or June 11, 2022

प्रहलाद कछवाह

मंडला ११ जून ;अभी तक ;  जिले के आदिवासी वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते यहां के रहवासी खासे परेशान रहते है। बिजली, पानी, सड़क जैसी सुविधाओं से अधिक ग्राम वंचित है। जिसके कारण हर वर्ष बारिश में ग्रामीणों को वनवास काटना पड़ता है। जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। मानसून आने वाला है, एक बार फिर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बाधित हो जाएगा। लोग चार माह बमुश्किल से अपना जीवन यापन करने मजबूर होंगे।
जानकारी अनुसार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के मार्ग की हालत खराब है। मार्ग में गड्डे हो गए है। गिट्टियां उखड़ गई है। बारिश के सीजन में मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों के कई इलाकों में पानी का भराव होने के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। बारिश के कारण सड़कें और बदहाल हो जाती है। बारिश के समय कई क्षेत्रों में तो सड़कें है कि नहीं पता ही नहीं चलता। बारिश के कारण कई मार्गो की खस्ताहाल हालत हो जाती है। मार्गो में गड्डे ज्यादा और सड़क कम दिखाई दे रही है। सड़क की गिट्टियां बाहर बिछ गई है।  जिसके कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।

बता दे कि मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर ग्राम रामनगर के अंतर्गत ग्राम कुपारिया में बने पुल का मार्ग बद से बदत्तर हो गया है। यह मार्ग जिम्मेदारों की खामियां उजागर कर दी है। जिन सड़कों को बनाने में ठेकेदार और अफसरों ने कमियां रखीं। उनकी पोल ये जर्जर मार्ग कर ने खोल दी।  खासकर पदमी चौराहे से घुघरी तक की रोड के हाल बेहाल है। यहां बारिश के सीजन में इन गड्डों में पानी भर जाने के बाद मार्ग का पता नहीं चलता कि मार्ग है कि गड्डा। जिसके कारण हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है।

                     बताया गया कि भारी वाहनों की आवाजाही इस मार्ग से बारह महिने होती रहती है।  जिसके कारण मार्ग की हालत खराब हो गई है। लगभग तीन साल पहले ही इस मार्ग को बनाया गया है। बावजूद इसके यह मार्ग उखड़ गई है। मार्ग को देखकर नहीं लग रहा है कि मार्ग पिछले करीब तीन वर्ष पहले ही बनाई गई है, निर्माण कार्य में शासकीय राशि की होली खेली जाती है। जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ता है।   गुणवत्ताविहीन मार्ग निर्माण के चलते आमजनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। आने वाली बारिश में एक बार फिर मार्ग कई जगह से उखड़ जाएगा। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है।

मार्ग में खतरा ज्यादा:

                     बता दे कि कुपारिया पुल के पास के मार्ग से गुजरने के  बाद मार्ग खुद अपनी कहानी बयां करने लगती है। उखड़ी सड़कें राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई हैं। शहरी क्षेत्र को जोडऩे वाले मार्ग पर तो खतरा ज्यादा है। मार्ग गायब है और गिट्टियां निकली पड़ी है। बाइक सवार से लेकर तो ट्रक चालक तक यहां से गुजर रहे हैं।  इस मार्ग पर हर एक फिट के बाद बड़े बड़े गड्ढे हैं। इनमें पानी भरा हुआ है और मार्ग की उखड़ी हुई गिट्टियों से लोग परेशान हैं। यहां के रहवासियों ने बताया कि मार्ग पहले से खराब था  लेकिन पानी गिरने के बाद तो हालत और भी खराब हो गई। मार्ग कमजोर हो गया है। बड़े वाहनों के पहिए जब यहां से निकल रहे हैं तो मार्ग टूट रही है। उसके बाद मार्ग के अंदर से गिट्टियां बाहर निकलकर फैल रही हैं।

इस मार्ग से गुजरते है अधिकारी, कर्मचारी:

मुख्य मार्ग पर गड्ढे होने से पहले ही आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था लेकिन इस मार्ग में हर साल बारिश शुरू होते ही गड्ढों में भरने वाला पानी भी सिरदर्द बन जाता है। बता दें कि मुख्य मार्ग में गड्ढे होने से आवाजाही में अच्छी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रामनगर से 5 किलोमीटर दूर कोपरिया में  स्थित पुल के पास गड्ढे और आसपास गिट्टिया बिखर गई है। बारिश के समय में इन गड्ढों में भरा पानी, आने जाने वाले राहगीरों, वाहन चालकों के लिये परेशानी का सबब बन जाएगा। इन सब को देखते हुए प्रतीत होता है कि प्रशासन अपना कार्य किस प्रकार कर रहा है यह भी एक सोचनीय विषय है। क्योंकि इसी मार्ग से सभी छोटे-बड़े कर्मचारी आवागमन करते हैं और इन सभी बातों को नजरअंदाज करते हुए अपना कार्य कर रहे हैं जिससे आम जनता को अच्छी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।