उद्यानिकी मंत्री को खरगोन का जैविक अमरूद भाया, किसान से जानी जैविक विधि

आशुतोष पुरोहित *
खरगोन 14 जनवरी ;अभी तक;  उद्यानिकी व एनवीडीए राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह शुक्रवार को जिले के भ्रमण पर रहे। इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी विभाग की गतिविधियों को देखा।  राज्यमंत्री श्री कुशवाह ने जिले में फलदार बाग देखने की मंशा जाहिर की तो विभागीय अधिकारी श्री मोहन मुजाल्दा ने कसरावद के किसान सुरेंद्र पंचोटिया के अमरूद के बाग की ओर ले चले। यहां उन्होंने अमरूद पर लगे फलों और उनकी जैविकता देख आकर्षित हो गए। जब उन्हें जैविक फलों के बारे में बताया तो वे रुचि के साथ खेती करने के तौर तरीके के बारे में पूछा। किसान सुरेंद्र के सुपुत्र नितिन पाटीदार ने इत्मीनान के साथ जैविक अमरूद की खेती के बारे में बताया। इस दौरान संयुक्त संचालक उद्यानिकी श्री दयाराम जाटव और कसरावद के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री जगदीश मुजाल्दा उपस्थित रहे।
*अमावस्या और पूर्णिमा के समय छिड़काव उपयोगी*
                    राज्य मंत्री श्री कुशवाह को नितिन ने बताया कि छिड़काव के लिए डीकंपोजर और जीवामृत तथा खाद के रूप में गोबर और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग इसके अलावा फसल के बीच में सनई की बुवाई की गई। जब सनई 3 से 4 फिट की गई तब कटाई के बाद उसका खाद का उपयोग अमरूद के लिए ही किया गया। नितिन ने यह भी बताया कि उनके द्वारा कीटों पर नियंत्रण के लिए डीकंपोजर और जीवामृत का छिड़काव स्प्रे के माध्यम से हर अमावस्या और पूर्णिमा पर किया जाता है। इसके अलावा ड्रीप के माध्यम से भी डीकंपोजर किया जाता है। जो खाद के रूप में भी उपयोगी होती है।
*दिल्ली और अयोध्या में अच्छी मांग*
                   राज्यमंत्री श्री कुशवाह ने जिज्ञासावश जानकारी ली कि यह अमरूद कहाँ-कहाँ भेजे जाते है ? नितिन ने बताया कि यहां से दिल्ली और अयोध्या के अलावा ग्वालियर तथा इंदौर भी सप्लाई किया जाता है। इस पांच एकड़ के बगीचे से उन्हें इस वर्ष 12 से 13 लाख रुपये के अमरूद बेचे है। खेत मे ही पैकिंग करने के बाद बाहर भेजा जाता है। इस वर्ष 40 से 55 रुपये किलो बिका है। अभी अमरूद के पौधों पर करीब 1 लाख 40 हजार फल लगे हैं। राज्यमंत्री ने बैगिंग की प्रक्रिया विधि भी जानी। इसके बाद मंत्रीजी कसरावद नर्सरी का अवलोकन करने पहूंचे।