उन्नयन के बाद सितम्बर में सभी ट्ायल पूरा होते  मशीन उंगलेगी न्यूजप्रिंट: 2 साल का उन्नयन प्रोजेकट 6 वे साल भी अधर में।

मयंक शर्मा
खंडवा २४ जून ;अभी तक;  निमाड के नेपानगर स्थित एशिया प्रख्याज सार्वजनिक क्षेत्र के
अखबारी कागज कारखाने नेपा लिमिटेड का साल 2016 से मोर्ट खर्च से चल रहा
कारखाने के उन्नयन के तहत अगले माह  जुलाई में न्यूजपिंट उत्पादन का
ट्ायल शुरू हो जायेगा।रिनोवेशन के कारण नेपा मिल में 6 सालो से  उत्पादन
बंद है। अब दो मे से स्थापित एक मशीन ही न्यूजप्रिंट उगलेगी।
मिल के अध्यक्ष सहप्रबंध निदेशक(सीएमडी) सौरव देब ने बताया कि जून में ही
एक यूनिट चालू करने की तैयारी थी लेकिन कोविड-19 की दूसरी लहर ये
कार्यगति प्रभावित हुई है।करीब दो दर्जन अधिकारी  कर्मचारी व तकनीशियन
कोरोना संक्रमण की चपेट मे आ गये थे।वे स्वयं भी संकट मे आ गये थे।
उन्होने  कहा कि तीसरी लहर की आशंका को देखते जल्द काम पूरा कराने पर जोर
दिया जा रहा है और अगले माह जुलाई में प्रयोग बतौर एक मशाीन न्यूजपिंट
उगलने लगेगी।
उन्होने कहा कि पिछले 3 दिनों से  पावर हाउस की स्टीम ब्लोइंग प्रक्रिया
शुरू करने से सुनाई पड रही  आवाज से नेपावासियों  का विश्वास जगा है कि
मिल के जल्द शुरू होगी।
सीएमडी  सौरव देब ने कहा कि सभी  पीडित जहां दो से तीन सप्ताह तक होम
क्वारेंटाइन मे रहे वहीं ऑक्सीजन की देश  व्यापी कमी के कारण सिलेंडर
रिजर्व करना पडे। जिला प्रशासन को  मिल की ओर से करीब 70 से अधिक ऑक्सीजन
सिलेंडर मुहैया कराए गए। उन्होने दावा किया कि संक्रमण े कर्मियो के
पीडित होने या औद्योगिक ऑक्सीजन की कमी आने पर भी मिल की कार्य गति को
अधिक प्रभावित नहीं होने दिया। मिल को  बंद नहीं होने दिया गया।नेपा
लिमिटेड में छह देशी-विदेशी कंपनियां काम कर रही हैं। हाल ही में कुछ नए
कांट्रेक्टर भी मिल से जुड़े हैं। अतः जुलाई में पेपर मशीन का ट्रायल हो
सकेगा। सितंबर में एक साथ सभी विभागों का ट्रायल होने की संभावना है।
मिल केे तकनीकी सचिव महेंद्र केशरी ने बताया कि सार पावर हाउस के
प्रोजेक्ट कार्य में स्टीम ब्लोइंग प्रक्रिया शुरू कर दी गयी  है।टर्बाइन
के लिए साफ स्टीम की आपूर्ति बनी रहे इसके लिये  नए बायलर की ं अंदरूनी
सफाई जरूरी होती है। यह प्रकिया माह अंत तक जारी रहेगी। इसके बाद बॉयलर
पूरी क्षमता से टर्बाइन के लिए स्टीम देने को तैयार हो जाएगा। इसके बाद
पावर हाउस को कमर्शियल उत्पादन के लिए एक महीने में तैयार कर लिया
जाएगा।उन्होने कहा कि डी-इंकिंग प्लांट का ट्रायल सफल रहा है ओर अब जुलाई
के पहले हफते से ईटी प्लांट का  ट्रायल शुरू करने की तैयारी है।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु द्वारा 1956 में राष्ट्र
की समर्पित आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के अखबारी कागज कारखाने नेपा लिमिटेड
में 60 साल पुरानी पेपर मशीनों निरंतर कीर्तिमान गढती रही है।  वित्तीय
वर्ष 2011-12 में 59205 मीट्रिक टन अखबारी कागज का रिकाॅर्ड उत्पादन कर
अपना 16 साल पुराना रिकार्ड तोड़ा था।लेकिन ग्लोबोजाईशन के चलते मिल ने
घटे की ओर एसी करववट ली कि इसका ग्राफ निंरतर उचा होता गया और  2016 में
रिवोनेशन के कारण मिल ताले बंदी का शिकार हो गय।
निंरतर घाटे के कारण बीआईएफआर (औद्योगिक और वित्तीय पुर्ननिर्माण बोर्ड)
में शामिल मिल को  लंबे वनवास के बाद सितंबर 2012 को तत्कालीन केंद्रीय
केबिनेट ने नेपा लिमिटेड के लिए रिवाइवल पैकेज की स्वीकृति दी। सितंबर
2012 में केबिनेट से स्वीकृत बीआईएफआर (औद्योगिक और वित्तीय पुर्ननिर्माण
बोर्ड) से नेपा लिमिटेड से सिक यूनिट का दर्जा हटाने और पर्यावरण की
अनापत्ति मिलने में दो साल बीत गए।  जनवरी 2014 में बीआईएफआर ने नेपा
लिमिटेड पर से सिक यूनिट का दर्जा समाप्त किया।  कंपनी को 285 करोड़ के
रिवाइवल पैकेज में 157 करोड़ केंद्र सरकार से और बाकी 128 करोड बैंकों से
ऋण के रूप में व्यवस्था की गई थी। लेकिन बैंकों से समन्वय स्थापित करने
में  सफल नहीं हुए।
  उल्लेखनीय है कि नेपा लिमिटेड 1998 में सिक यूनिट के रूप में बीआईएफआर
(औद्योगिक और वित्तीय पुर्ननिर्माण बोर्ड) में शामिल किया गया था। े लंबे
वनवास के बाद सितंबर 2012 को तत्कालीन केंद्रीय केबिनेट ने नेपा लिमिटेड
के लिए रिवाइवल पैकेज की स्वीकृति दी। प्रोजेक्ट की स्वीकृति को साढे
पांच साल होने जा रहे हैं, इसे 24 महीने में पूरा होना था। प्रोजेक्ट में
देरी से  लागत बढ़ती  चली गई है।अब कार्ययोजना लागत लगभग दुगनी हो गयी
हैे।यह कार्य केंद्र सरकार के अधीन था।