उपचुनाव में कोरोना से मृत व्यक्तियों की सूची सरकार को प्रदान करें,  हाईकोर्ट ने दिये सरकार को निर्देश

सिद्धार्थ पांडेय

जबलपुर १९ नवंबर ;अभी तक;  दमोह उपचुनाव में ड्यूटी करने वाले 100 शासकीय कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से हुई मौत को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से हाईकोर्ट जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमठ तथा जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ को बताया गया कि याचिकाकर्ता ने मृत शासकीय कर्मचारी की जो सूची हाईकोर्ट में पेश की है,वह उन्हें उपलब्ध नहीं करवाई गयी है। युगलपीठ ने उक्त सूची शासकीय अधिवक्ता को उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई 23 नवम्बर को निर्धारित की है।

याचिकाकर्ता डॉ जया ठाकुर की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि दमोह उपचुनाव के दौरान चुनाव ड्यूटी करने वाले लगभग 100 शासकीय कर्मचारियों की कोरोना से मौत हुई है। जिससे से 66 शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। अखबार में प्रकाषित खबर में  इस बात की पुष्टि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गयी है। याचिका में कहा गया था कि चुनाव ड्यूटी में कोरोना संक्रमण से पीडित होने के कारण जिन ष्षासकीय कर्मचारियों की मौत हुई है उनके आश्रितों को किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेषन के अनुसार कोरोना से मृत्यु होने पर 30 लाख रूपये की आर्थिक सहायत देने की बात कहीं गयी थी।

याचिका में कहा गया था कि दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना वॉरियर्स को एक करोड दिये जा रहे है। याचिका में मांग की गयी थी कि उपचुनाव में जिन षासकीय कर्मचारियों की मौत हुई है उनके परिजनों को एक करोड रूपये की आर्थिक मदद व षासकीय नौकरी प्रदान की जाये। याचिका में केन्द्र व राज्य सरकार सहित केन्द्रीय व राज्य चुनाव आयोग को अनावेदक बनाया गया था। याचिका की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को मृत षासकीय कर्मचारियों की सूची पेष करने के निर्देष दिये थे
पिछली सुनवाई के दौरान याकिचाकर्ता की तरफ से मृत 65 शिक्षक तथा उनके परिजनों की सूची पेश की गयी। याचिकाकर्ता की तरफ से आवेदन पेश करते हुए कहा गया था कि चुनाव डयूटी तैनात किये गये अन्य शासकीय कर्मचारियों की मौत भी कोरोना से हुई है। इसके अलावा कई ऐसे बच्चे भी है,जिनके माता-पिता दोनों की कोरोना से मौत हुई है। उन्हें भी किसी प्रकार की सरकार योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

याचिका पर गुरूवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत मृत शासकीय कर्मचारियों की सूची नहीं मिल पाने की जानकारी युगलपीठ को दी। जिसके बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता वरूण ठाकुर ने पैरवी की।