उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर की जा रही है स्टॉक और गुणवत्ता की जॉच

दीपक कांकर

रायसेन, 21 अक्टूबर ; अभीtk ; जिले में रबी मौसम के लिए पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के पास 10965 मैट्रिक टन यूरिया, 5800 मैट्रिक टन डीएपी तथा एनपीके, एसएसपी और अन्य उर्वरक सहित 21060 मैट्रिक टन भण्डारण है। कलेक्टर श्री अरविन्द कुमार दुबे द्वारा सभी एसडीएम तथा कृषि अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रासायनिक उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों तथा गोदामों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री दुबे के निर्देशानुसार राजस्व एवं कृषि अधिकारियों के संयुक्त दल द्वारा सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर उर्वरकों की गुणवत्ता और स्टॉक की जॉच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान किसी भी विक्रय केन्द्र पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

जिले के कृषि अधिकारियों को भी समस्त मैदानी अमले के साथ अपने-अपने क्षेत्रों के किसानों से सतत् सम्पर्क कर रासायनिक उर्वरकों एवं फसलों की बोनी के संबंध में सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि श्री एनपी सुमन ने बताया कि किसान भाई बुवाई में डीएपी के स्थान पर एनपीके मिश्रित खाद व एसएसपी सुपर फास्फेट उर्वरक का भी उपयोग कर सकते हैं। डीएपी के बैग में फास्फोरस 23 किलोग्राम व नाइट्रोजन 9 किलोग्राम होता है तथा कीमत 1200 रू है। जबकि तीन एसएसपी बैग व एक बोरी यूरिया की कीमत 1166 रूपए आती है और इसमें 24 किलोग्राम फास्फोरस, 24 किलोग्राम नाईट्रोजन तथा 16.50 किलोग्राम सल्फर होता है। किसान भाई डीएपी उर्वरक के स्थान पर संतुलित मात्रा में एनपीके मिश्रित एवं सिंगल सुपरफॉस्फेट के साथ यूरिया उर्वरक का उपयोग कर सकते हैं। एनपीके उर्वरक डीएपी की तुलना में बहुत अच्छा होता है, इसमें तीनों तत्व पाए जाते हैं। किसान भाई विकासखण्ड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।