एक टैकर का तीन जिलो में बंदर बाट

मयंक शर्मा
 खण्डवा ३० अप्रैल ;अभी तक;  शुक्रवार को खंडवा के  लिये मंगाया गया  ऑक्सीजन टैंकर जिसे पहले रास्ते के जिला हरदा में प्रशासन ने अपने उपयोग हेतु रोक लिया । फिर खबर मिलते  ही खंडवा जिला प्रशासन द्वारा मशक्कत करके उसे खण्डवा लाया गया। लेकिन इंदौर के लिए ऊपर से दबाव आया  तो टैंकर में से चार टन आक्सीजन खाली करके उसे इंदौर भेज दिया। टैकर ेमें कुल 26 टन ऑक्सीजन थी। जोखण्डवा के सरकारी और निजी हॉस्पिटल के लिए कुछ दिनों के लिये  पर्याप्त थी लेकिन नसीब नही हो  सकी। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी मौन नहीं तोड रहे है।
                      तीन सौ बेडेड वाले  जिला चिकित्सालय ें 39 बिस्तरों पर कोरोना पाजिटिव मरीज भर्ती हैं। अन्य 139 बिस्तरों पर संक्रमण से ठीक होने के बाद रिकवर न होने वाले मरीज व निमोनिया से ग्रस्त मरीज भर्ती हैं। बावजूद बाहर से आने वाले संक्रमित मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। कारण बताया जा रहा है कि स्टाफ व आक्सीजन की बढ़ती जरूरत होगी। एपेडिमियोलाजिस्ट डा. योगेश  शर्मा ने कहा कि चिकित्सालय के पांचवीं मंजिल तक लो प्रेशर होने से मरीजों को दूसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया। इसके बाद से आक्सीजन की कमी बनी रही।  उन्होने कहा  कि अन्य जिलों व जिले से गंभीर मरीज आ रहे हैं। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को मना नहीं किया जा सकता। स्थिति देखकर हम इलाज के लिए भर्ती करते हैं।
                      उधर स्वास्थ्य विभाग ने एसिम्टोमेटिक व निगेटिव मरीजों को डिस्चार्ज करना शुरू किया गया। प्रयाासन कीअ ओर से कहा गया कि गंभीर मरीजों को आक्सीजन की कमी न हो इसलिए यह निर्णय लिया है। बाहर के जिलों से आने वाले मरीजों को भर्ती करना भी बंदकर दिया गया। मरीज को सीधे भर्ती करने के बजाय जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर भेज रहे हैं।कोविड केयर सेंटर में पिछले कुछ दिनों में अन्य जिलों से गंभीर स्थिति में पहुंचे बीस मरीजों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पाजिटिव व एसिम्टोमेटिक या संदिग्ध मरीजों को काउंटर से ही वापस लौटा दिया जाता है। संदिग्ध स्थिति में पहुंचे मरीज शहर के प्राइवेट अस्पतालों में चक्कर लगा रहे हैं।
                   सीएमएचओ डीएस चैहान ने कहा कि विभाग  व खंडवा मेडिकल कालेज प्रबंधन ने कोविड केयर सेंटर के लिए एमबीबीएस आयुष अधिकारी स्टाफ नर्स वार्ड बाय व सफाईकर्मचारियों की अस्थाई भर्ती के लिए कवायद शुरू की। इन पदों को अभी तक भरा नहीं जा सका है। एक या दो एबीबीएस डाक्टर आयुष डाक्टर व वार्ड बाय ही भर्ती के लिए पहुंचे हैं। जिससे अभी भी कोविड केयर सेंटर में स्टाफ की कमी बनी हुई है। पिछले दिनों जिला प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने के लिए पांच बिस्तरों के बीच एक अटेंडर रखने के लिए निर्णय लिया लेकिन यह काम भी अभी स्टाफ की कमी के चलजे अधर में है।